नर्मदा तट पर प्रदूषण के खिलाफ कड़ी कार्यवाही : गौरीघाट में प्लास्टिक कोटेड दोने बेचने वाले 22 दुकानदारों पर नगर निगम ने लगाया जुर्माना

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक एवं प्रतिबंधात्मक पॉलीथिन का उपयोग क्रय-विक्रय भण्डारण आदि पर प्रतिबंध है। इस कड़ी में नगर निगम द्वारा निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार प्रतिदिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यवही भी की जा रही है। कार्यवाही की श्रृंखला में नर्मदा के पवित्र तट गौरीघाट को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने आज शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई की। माँ नर्मदा की शुद्धता को प्रभावित करने वाले प्लास्टिक कोटेड दोनों के उपयोग और बिक्री को रोकने के लिए विभाग ने विशेष अभियान चलाया।
22 दुकानों पर चालानी कार्यवाही, जुर्माना वसूला- निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बताया कि नर्मदा पूजन और दीपदान के लिए प्लास्टिक कोटेड दोनों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, कई दुकानदार नियमों की अनदेखी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान ऐसे 22 दुकानदारों को चिन्हित किया गया जो दीपदान के लिए प्लास्टिक कोटेड दोने बेच रहे थे। नगर निगम ने स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सख्त रुख अपनाते हुए इन दुकानदारों के चालान काटे और मौके पर ही 4800/- रुपये का स्पॉट फाइन वसूला।
बड़ी मात्रा में सामग्री जप्त- निरीक्षण के दौरान दुकानों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक कोटेड दोने जप्त किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दोनों में मौजूद प्लास्टिक की परत जल को प्रदूषित करती है और जलीय जीवों के लिए भी घातक है। गौरीघाट एक पवित्र क्षेत्र है और यहाँ की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्लास्टिक कोटेड सामग्री का विक्रय नियमों का उल्लंघन है।
टीम ने दी समझाइश- चालानी कार्यवाही के साथ-साथ अन्य दुकानदारों को भी सख्त हिदायत दी गई। स्वास्थ्य विभाग के दल ने व्यापारियों को समझाया कि वे केवल पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का ही उपयोग करें, ताकि नर्मदा की अविरलता और स्वच्छता बनी रहे। कार्यवाही के समय सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल बारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक वैभव तिवारी, स्वास्थ्य निरीक्षक अमन चौरसिया और सुपरवाइजर सुरेश, राजेश, राज अर्खेल एवं अमर उपस्थित रहे।



