आशा कार्यकर्ताओं का धैर्य टूटा, दीपिका साहू और संदीप नामदेव पर लगे गंभीर आरोप

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के अधिकार एवं उनके हक पर डाका डालने के साथ साथ सरकारी आदेशों की अवहेलना करने का गंभीर मामला विक्टोरिया अस्पताल में आशा दीदी ने प्रकाश में डाला है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक/एन.एच.एम./2026-27/1349 के बावजूद, जिले की 1775 आशा कार्यकर्ताओं को उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान आज दिनांक तक नहीं मिल पा रहा है। देखा जाए तो पूरी देरी और लम्बे समय इन अव्यवस्था के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के एपीएम(अकाउंट्स कम प्रोग्राम मैनेजर) संदीप नामदेव/ जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर दीपिका साहू को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है।
क्या था पूरा मामला- जबलपुर जिले में 8 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीकार्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 83,45,840/- रुपये (तिरासी लाख पैंतालीस हजार आठ सौ चालीस रुपये) की राशि स्वीकृत की गई थी। यह राशि मार्च 2026 के कार्यों के बदले प्रोत्साहन के रूप में दी जानी थी। लेकिन स्वीकृत आदेश और बजट आवंटन के बावजूद भी APM संदीप नामदेव /जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर दीपिका साहू के द्वारा भुगतान प्रक्रिया को फाइलों में अटका कर रखा गया था।
इन इन धाराओं के तहत हो सकती है बड़ी कार्रवाई – कर्मचारी अधिकार और मेहनत की सच्चाई –
कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिक समूहों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो अपमौर डीसीएम/एपीएम के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं के तहत पुलिस में प्राथमिकता (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
आम नागरिक अधिकार – भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198 लोक सेवक द्वारा कानून की अवज्ञा करना।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust)।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 13 पद का दुरुपयोग कर जनता को प्रताड़ित करना।
इन संबंधित पर कार्यवाही का प्रावधान हो सकता हैं।
आंदोलन के साथ दी आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी-आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब अपने पद के दौरान APM संदीप नामदेव /दीपिका साहू जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर द्वारा जानबूझकर भुगतान में देरी की जा रही है, जो कि मध्य प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम का भी उल्लंघन होना पाया गया है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है । कि तत्कालीन संदीप नामदेव के प्रभार की निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
यदि शीघ्र भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो जिले की समस्त 1775 आशा कार्यकर्ता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीकार्यालय के समक्ष उग्र प्रदर्शन करेंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।



