पूरे विश्व को संदेश देती है प्रधानमंत्री मोदीजी के मन की बात:सांसद आशीष दुबे

जबलपुर दर्पण । देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अपने मन की बात कार्यक्रम में जो बिंदु उठाते हैं उसमें सम्पूर्ण विश्व के लिए संदेश होता है।यह बात रविवार को जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे ने कही।सांसद श्री दुबे ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के मन की बात के 123 वें कार्यक्रम का प्रसारण जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में भारवाहकों व अन्य वरिष्ठ,कनिष्ठ कर्मचारियों के साथ बैठकर सुना।
कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सांसद श्री दुबे ने भारवाहकों से विस्तृत चर्चा करते हुए उनके बारे में जानकारी ली और कहा कि कभी कोई समस्या हो तो वे उनसे बेझिझक संपर्क कर सकते हैं।
मन की बात सुनने के बाद सांसद श्री आशीष दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मन की बात ज्ञानवर्धक तो होती ही है वहीं उसमें नवीनतम जानकारी का भी समावेश होता है।कई बार प्रधानमंत्री जी ऐसे बिंदु सामने लाते हैं जिनसे आज की युवा पीढ़ी अनभिज्ञ है और मन की बात के वृहत प्रसारण के कारण उन्हें इसकी जानकारी मिलती है।सांसद श्री दुबे ने कहा कि आज मन की बात में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत योग दिवस पर चर्चा से की। इसके बाद आपातकाल का समय याद कर इसकी आलोचना की और कहा कि इमरजेंसी के समय लड़ने वाले लोगों को याद रखा जाना चाहिए।
सांसद आशीष दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 123वें एपिसोड के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए देश की महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को साझा किया, जिसमें मध्य प्रदेश की सुमा उइके का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, सुमा जी ने ‘बालाघाट जिले के कटंगी ब्लॉक में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मशरूम की खेती और पशुपालन का प्रशिक्षण लिया।धीरे-धीरे उन्होंने अपनी आय बढ़ाई और अपने काम को ‘दीदी कैंटीन’ और ‘थर्मल थेरेपी सेंटर’ तक विस्तारित कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘सुमा की तरह देशभर में अनेक महिलाएं हैं जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से न केवल स्वयं को सशक्त बना रही हैं, बल्कि देश को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।इन सभी कहानियों में आत्मविश्वास, परिश्रम और समर्पण की एक जैसी चमक है, जो ‘नए भारत’ के निर्माण की सच्ची प्रतीक हैं।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भारत को ट्रैकोमा मुक्त घोषित किये जाने की जानकारी दी। यह एक बड़ी उपलब्धि है और इसका श्रेय हेल्थ वर्कर्स और उन सभी लोगों को जाता है जिन्होंने बिना रुके इस बीमारी से लड़ाई लड़ी।
मन की बात में पीएम श्री मोदी ने कहा कि देश के 95 करोड़ लोग किसी न किसी सरकारी योजना का लाभ ले रहे हैं। यह दिखाता है कि भारत जनभागीदारी से आगे बढ़ रहा है और मजबूत हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि धार्मिक यात्राएं सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, सेवा का महाअनुष्ठान भी होती हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर शुरू हो गई है। यह यात्रा हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं में आस्था का केंद्र मानी जाती है। तीर्थयात्राएं शरीर और मन का अनुशासन सिखाती हैं और समाज में प्रेम व भाईचारा बढ़ाती हैं। संघर्ष से जूझ रहे बोडोलैंड में अब खेल को लेकर उत्साह है। भद्राचलम, तेलंगाना की महिलाएं अब खेतों की मजदूरी छोड़कर मिलेट्स (मोटे अनाज) से बिस्किट और रोटियां बना रही हैं। उनकी कॉपरेटिव में 3,000 से ज्यादा रोटियां बनती हैं जो गांव से शहर तक पहुंच रही हैं।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का 123वां एपिसोड आज 22 भाषाओं में प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।


