श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से क्षय होते हैं जन्म जन्मांतर के पाप : स्वामी नरसिंह दास जी महाराज

जबलपुर दर्पण । भगवान श्री कृष्ण के मधुराति मधुर बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा भगवान ब्रज में अवतरित होकर कंस के भेजे गए दैत्यों को समाप्त कर उनका तो उद्धार करते हैं और ब्रह्मा व इंद्रादि देवताओं के मान मर्दन करते हैं धर्म की स्थापना करते हैं यही पवित्र चरित्र कहने और सुनने से जीव का कल्याण हो जाता है और हरि की यही लीलाएं अनेक जन्मों के संचित पापों को समाप्त कर देती है अनेक जन्मार्जित पाप चोर यह पापों को ही चुराते हैं अतः भगवान की कथा श्रवण मात्र से जीवन निष्पाप हो जाता है उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण सप्ताह के षष्ठम दिवस कहे ।
श्रीमद्भागवत कथा पुराण, व्यासपीठ पूजन हनुमान दास जी महाराज ,नारायण स्वामी , आचार्य श्री वासुदेव शास्त्री,जगतराम महाराज, बालक दास महाराज , रामफल शास्त्री ,राजेंद्र प्यासी ,एस बी मिश्रा ,सुनील तिवारी ,संदीप सुषमा गोपी ,वल्लभ अग्रवाल ने किया । आज सुदामा चरित्र भागवत माहात्म्य की कथा दोपहर 3 बजे से गीता धाम ग्वारीघाट में होगी ।



