सूचना पटल नहीं लगाया गया, नियमों की खुली अवहेलना ग्राम पंचायत पौनिया में पंचायत भवन निर्माण पर अनियमितताओं के आरोप

सतीश चौरसिया उमरियापान जबलपुर दर्पण। विकासखंड ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत पौनिया में निर्माणाधीन पंचायत भवन एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है । लगभग 37 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस सरकारी भवन में जहां एक ओर घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नियमों के तहत अनिवार्य सूचना पटल ( सूचना बोर्ड ) तक नहीं लगाया जाना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है । ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में योजना का नाम, स्वीकृत राशि, कार्य की अवधि, ठेकेदार का नाम, संबंधित उपयंत्री व विभागीय जानकारी दर्शाने वाला सूचना पटल लगाना अनिवार्य होता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे । लेकिन पंचायत भवन स्थल पर ऐसा कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया है, जिससे निर्माण कार्य की वास्तविक जानकारी आम जनता से छिपाई जा रही है । स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य में सीमेंट की मात्रा कम, रेत में मिट्टी की मिलावट, कमजोर गुणवत्ता की ईंटों का उपयोग और मानकविहीन प्लास्टर किया जा रहा है । हालत यह है कि भवन अभी पूर्ण भी नहीं हुआ जो निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं । ग्रामीणों ने बताया कि कार्य की गति बेहद धीमी है, जिससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि कहीं जानबूझकर निर्माण को लटकाया तो नहीं जा रहा । आरोप यह भी हैं कि स्वीकृत नक्शे और तकनीकी लेआउट का पालन नहीं किया जा रहा, वहीं कॉलम, बीम और नींव की मजबूती को लेकर भी गंभीर आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं । मौके पर वास्तविक जांच न होने से उपयंत्री–ठेकेदार गठजोड़ की चर्चाएं तेज हो गई हैं । आरोप है कि वास्तविक प्रगति के बिना ही बिलों का भुगतान कर दिया गया । सूचना पटल न लगाना इस बात की ओर इशारा करता है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता जानबूझकर खत्म की जा रही है, ताकि अनियमितताओं पर पर्दा डाला जा सके । ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच, सूचना पटल तत्काल लगाए जाने और दोषी अधिकारियों व पंचायत पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।


