भक्त शिरोमणि माँ कर्मा देवी भक्ति, प्रेम, करुणा की प्रतिमूर्ति

माँ कर्मा देवी की 1010वीं जयंती पर साहू समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
जबलपुर दर्पण । भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त, साहू समाज की आराध्य भक्त शिरोमणि माँ कर्मा देवी की 1010वीं जन्म जयंती पर साहू समाज जबलपुर के तत्वाधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, शोभायात्रा का शुभारम्भ प्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक लखन घनघोरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, पूर्व महापौर प्रभात साहू, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, समरसता सेवा संगठन अध्यक्ष संदीप जैन, दिनेश यादव, कार्यक्रम संयोजक रविकिरण साहू की उपस्थिति में किया गया।शहर के हृदय स्थल मालवीय चौक में भव्य मंच पर सभी अतिथियों ने माँ कर्मा का पूजन एवं आरती कर शोभायात्रा का शुभारम्भ किया, जो सुपर मार्केट, लार्डगंज, बड़ा फुहारा, सराफा कोतवाली, मिलोनीगंज चौक, हनुमानताल होते हुए बड़ी खेरमाई मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा आज हम सब यहाँ भक्त शिरोमणि माँकर्मा की जयंती के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। माता कर्मा केवल साहू समाज की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए भक्ति, प्रेम और सेवा की मिसाल हैं। माता कर्मा का जन्म साहू समाज में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी निस्वार्थ भक्ति से यह सिद्ध कर दिया कि भगवान केवल सच्चे प्रेम के भूखे हैं, आडंबर के नहीं। भक्त माता कर्मा के जीवन से जुड़ी ‘खिचड़ी’ की कहानी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम संयोजक श्री रविकिरण साहू ने कहा माता कर्मा हमारी आराध्य है और माता कर्मा भगवान कृष्ण (जगन्नाथ जी) को अपने हाथों से खिचड़ी बनाकर भोग लगाती थीं। उनका प्रेम इतना गहरा था कि स्वयं भगवान जगन्नाथ को उनके हाथ का बना भोजन पाने के लिए आना पड़ता था। “माँ कर्मा का भात, जगत पसारे हाथ” – यह कहावत उनकी भक्ति की महानता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा माँ कर्मा की जन्म जयंती पर लगातार दूसरे वर्ष साहू समाज जबलपुर द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमे जबलपुर के सभी क्षेत्रों जिसमे जबलपुर शहर के साथ गढ़ा, रांझी, कुण्डम, बघराजी, बरेला, पनागर, सिहोरा, भेड़ाघाट, बरगी, पाटन, मंझोली से भी बड़ी संख्या में स्वजातीय जन शामिल हुए।
श्री साहू ने कहा आज के इस युग में हमें माता कर्मा के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है, इसीलिए उनकी जन्म जयंती पर समाज को एकसूत्र में पिरोने के लिए यह यात्रा निकली गई है और हम सभी ने मिलकर उनके पदचिह्नों पर चलने का, समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा भाव का विस्तार करने का संकल्प लिया।
महाराष्ट्र के ढ़ोल ताशा के साथ सजीव झंकियों ने मन मोहा – शोभायात्रा में माँ कर्मा के जीवन, भगवान जगन्नाथ स्वामी, भगवान शंकर, शेर नृत्य, माशाने की होली, दुल दुल घोड़ी के साथ ही महाराष्ट्र के नागपुर से आये ढ़ोल ताशा के 65 युवक युवती के समूह ने लोगो का मन मोह लिया.
साहू समाज के सभी सदस्य एवं मातृ शक्ति सिर पर साफा बांधकर बड़ी संख्या में शामिल हुए और यात्रा मार्ग में भव्य स्वागत विभिन्न संगठनों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महिला साहू समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष आभा दीपक साहू, कैलाश साहू, प्रदीप साहू, एड अर्जुन साहू, श्रीकांत साहू, रामेश्वर साहू, सुरेन्द्र साहू, वीरेंद्र साहू, विमलेश साहू, पुरषोत्तम साहू, राजू साहू कोठी, पार्षद रजनी कैलाश साहू, रजनी सुरेन्द्र साहू, राहुल साहू, शेखर साहू, शुभम साहू, संजय साहू, मुकेश साहू, राजेंद्र साहू, हरीश साहू, रविशंकर साहू, प्रहलाद साहू, सतीश साहू, राजेश साहू, अजय साहू, नरेन्द्र साहू, रीना साहू, सुधारानी साहू, वर्षा साहू, मोना साहू, आदि बड़ी संख्या में मातृ शक्ति युवा शामिल हुए.



