कृषि विभाग नरवाई न जलाने की कर रहा अपील, उधर कृषि फार्म में जलने की घटना

डिंडौरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले में नरवाई जलाने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों से खेतों में फसल अवशेष (नरवाई) नहीं जलाने की अपील की गई है। विभाग ने कहा है कि नरवाई जलाने से न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। समनापुर तिराहा स्थित फार्म में नरवाई जलाने की घटना की सूचना प्राप्त होने पर कृषि विभाग ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। विभागीय अधिकारियों द्वारा पंचनामा तैयार कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की गई। इस दौरान कृषि विभाग के प्रतिनिधि श्री दिगंबर सिंह धुर्वे, शासकीय कृषि प्रक्षेत्र अधीक्षक एवं श्री ओंकार सिंह मेरावी, कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। विभागीय सतर्कता के कारण संभावित बड़ी दुर्घटना की आशंका को समय रहते टाल दिया गया। कृषि विभाग ने बताया कि नरवाई जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता में कमी आती है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ता है तथा आग फैलने की स्थिति में आसपास की फसल, वन क्षेत्र एवं जन-धन को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाएं। नरवाई को खेत में मिलाकर जैविक पदार्थ के रूप में उपयोग करें अथवा अन्य वैकल्पिक उपायों के माध्यम से उसका उचित निस्तारण करें। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि ऐसी घटनाओं की जानकारी तत्काल संबंधित कृषि अधिकारी अथवा विभागीय अमले को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने किसानों से पर्यावरण संरक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नरवाई न जलाने तथा वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाकर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर समनापुर तिराहा स्थित कृषि फार्म में आग लगने की घटना सामने आई, जिसे लेकर लोग कृषि विभाग की जन-जागरूकता अभियान पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।


