जबलपुर दर्पण

“नारी सम्मान” की बात करने वाले कांग्रेस नेताओं ने ही षड़यंत्र पूर्वक महिला प्रत्याशी को हराया

जबलपुर दर्पण । राज्यसभा निर्वाचन में मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन के बाद कांग्रेस, सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने को “नारी सम्मान” का मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है। जबकि सच्चाई यह है कि यह मामला किसी महिला के साथ अन्याय का नहीं, बल्कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का है। यह मामला एक महिला नेत्री के द्वारा एक महिला कार्यकर्ता के साथ हो रहे अपराधों पर चुप्पी साधने का है, यह मामला एक महिला प्रत्याशी को हराने के लिए मध्यप्रदेश की सभी कांग्रेस के नेताओं के द्वारा किए षड्यंत्र का है, यह मामला कांग्रेस के नकारेपन और उसकी नाकामी का है, यह बात भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्वनी पराँजपे ने नारी सम्मान पर कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर दी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा कार्यालय रानीताल में कही। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्रीकान्त साहू, महिला मोर्चा जबलपुर महानगर क़ि अध्यक्ष श्रीमती आत्मीका सिंह उपस्थित थी।

महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पराँजपे ने कहा तेलंगाना में कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी पर एक महिला कार्यकर्ता ने शादी का झांसा देकर शोषण, ब्लैकमेल और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत और प्रकरण दर्ज होने के बाद तत्कालीन तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन की भूमिका को लेकर भी प्रश्न उठे तथा उनका नाम भी अपराध पंजीयन में सामने आया।

उन्होंने कहा जब पीड़ित महिला को संगठन और नेतृत्व के समर्थन की आवश्यकता थी, तब मीनाक्षी नटराजन ने कथित रूप से पीड़िता की आवाज़ सुनने के बजाय आरोपी नेता को संरक्षण दिया। पीड़िता को न्याय दिलाने के स्थान पर आरोपी के पक्ष में खड़े होने के आरोप लगे।जिसका जवाब उन्होंने स्वयं न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बावजूद इस तथ्य का उल्लेख नामांकन पत्र में नहीं किया गया, जो नामांकन निरस्त होने का प्रमुख कारण बना।

श्रीमती पराँजपे ने कहा पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ता ने एक प्रमुख समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट आरोप लगाया कि उसने कई बार मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस नेतृत्व से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते उसकी शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो उसे न्याय के लिए इतना लंबा संघर्ष नहीं करना पड़ता इसलिए मीनाक्षी नटराजन इसमें सह आरोपी हैं।

श्रीमती पराँजपे ने कहा इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस को कई सवालों का जवाब देना चाहिए कि, नामांकन पत्र में तेलंगाना प्रकरण से जुड़ी जानकारी छिपाने का प्रयास क्यों किया गया? जब न्यायालयीन कार्यवाही और समन की जानकारी थी, तो उसका उल्लेख शपथ पत्र में क्यों नहीं किया गया? महिला कार्यकर्ता की शिकायत को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? आरोपी कांग्रेस नेता के विरुद्ध संगठनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या कांग्रेस में महिला सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित है?

उन्होंने कहा क़ि क्या कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगने पर नैतिकता और जवाबदेही के मानदंड बदल जाते हैं

महिला सम्मान पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र

श्रीमती पराँजपे ने कहा कांग्रेस को महिला सम्मान पर उपदेश देने से पहले अपने नेताओं और उनके बयानों का इतिहास देखना चाहिए। मध्यप्रदेश सहित देशभर में कांग्रेस नेताओं द्वारा महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों और व्यवहार के अनेक उदाहरण सामने आए हैं। यह वही कांग्रेस है जिसके नेता महिलाओं के सम्मान पर लगातार विवादित बयान देते रहे हैं। महिला उत्पीड़न, असम्मानजनक टिप्पणियां और शिकायतों की अनदेखी कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है। जो महिलाएं इस संस्कृति का विरोध करती हैं, उन्हें अक्सर संगठन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

उन्होंने कहा आज कांग्रेस मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने को महिला सम्मान का मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि मामला निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने से जुड़ा है।

उन्होंने कहा झूठ और दिखावे की राजनीति अधिक समय तक नहीं चलती। कांग्रेस को नारी सम्मान पर राजनीतिक नाटक करने के बजाय देश और प्रदेश की महिलाओं को यह बताना चाहिए कि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई। यही कारण है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना केवल एक चुनावी घटना नहीं, बल्कि कांग्रेस के दोहरे चरित्र, उसकी जवाबदेही और महिला सम्मान के प्रति उसके वास्तविक दृष्टिकोण पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

श्रीमती पराँजपे ने कहा आज माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने भी कांग्रेस की याचिका निरस्त करते हुए यह तय कर दिया कि जो भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा आपराधिक प्रकरण छिपाने पर जो आपत्ति दर्ज की थी वह न्याय उचित और तथ्यों पर आधारित थी।

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