बरेला क्षेत्र के पहुंच मार्गों की हालत जर्जर

बरेला जबलपुर दर्पण । जहां एक और शासन छोटे-छोटे पहुंच मार्गों को मुख्य पहुंच मार्गो से जोड़ने प्रयासरत है तो वहीं दूसरी तरफ मुख्य पहुंच मार्ग से सिहोरा पहुंच मार्ग एवं लहंगी से सिहोरा, मलारा पहुंच मार्ग से मिड़की पहुंच मार्ग मैं आज तक डामलीकरण ना होने से इन दिनों ग्रामीणजन परेशानी से गुजर रहे हैं बारिश के मौसम में वाहनों का चलना तो दूर की बात है राहगीरों का चलना भी समस्या का विषय बना हुआ है इन पहुंच मार्गों के डामलीकरण करने हेतु ग्रामीणों द्वारा लगातार मांग की जा रही है परंतु आज तक डामलीकरण का कार्य नहीं किया गया। ग्राम लहंगी के छात्र-छात्राएं अध्ययन करने कच्चे मार्ग से पैदल चलकर सिहोरा अध्ययन करने आते हैं। मलारा पहुंच मार्ग से मिड़की पहुंच मार्ग की हालत बहुत दयनीय है इस मार्ग पर अधिक कीचड़ होने के कारण राहगीरों का चलना परेशानी से गुजर रहा है इसके साथ – साथ सड़क न बनने से प्रसव के समय महिलाओं को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है एंव महगवां से मवई पहुंच मार्ग कि हालत बहुत ही दयनीय स्थिति मैं है यहां के ग्रामीण जनों का पैदल चलना समस्या का विषय बना हुआ है ग्रामीण जनों द्वारा लोक निर्माण विभाग का अनेकों मर्तबा ध्यान आकर्षित कराया । पर इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया । पंडित अरविंद तिवारी जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन, योगेश पटेल ,आनंतराम पटेल, विपिन झरिया, राम जी रैकवार, जगदेव पटेल सहित क्षेत्र के अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीण जनों ने लोक निर्माण मंत्री एवं जिला कलेक्टर से उक्त पहुंच मार्गों के डामलीकरण करने की अभिलंब मांग की है ताकि राहगीरों को इस समस्या से निजात मिल सके।



