मुख्यमंत्री डॉ यादव कटनी में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल

कटनी जबलपुर दर्पण । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बुधवार को कटनी शहर में स्थित श्रीकृष्ण वृद्धाश्रम प्रांगण, दददा धाम झिंझरी में नवनिर्मित मंदिर में परम पूज्य गुरुदेव दददा जी के विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने गृहस्थ संत पूज्य पंडित देवप्रभाकर शास्त्री दददा जी के समाधि स्थल पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर कटनी जिला एवं प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं जन-कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री और कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, विधायक विजयराघवगढ़ श्री संजय सत्येन्द्र पाठक, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा सहित धर्माचार्य और सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित मोहित मराल गोस्वामी, कथा वाचक पंडित इन्द्रेश उपाध्याय , पंडित अनिरूद्धाचार्य महाराज सहित डीआई जी अतुल सिंह, कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षाक अभिनव विश्वकर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा समाजसेवी की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि शिरडी सहित अन्य तीर्थ स्थलों की तरह ही कटनी के दददा धाम का भी भविष्य में देव स्थान की तरह ही नाम बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दददा जी के आध्यात्मिक विग्रह स्थापना के समारोह को ऋषि परंपरा का प्रतीक बताते हुए कहा कि द्ददा जी पार्थिव शिवलिंगों के निर्माण के माध्यम से आमजन को सत्संग व संस्कार से जोड़कर लोगों का जीवन धन्य करते थे। उन्होने कहा कि दददा जी ने धरती में जितने मनुष्य है उतनें ही पार्थिव शिवलिंग बनवाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महाकाल और दददा जी के आर्शीवाद से हम उज्जैन में होनें वाला सिंहस्थ भी अच्छे से करवाएगें।मुख्यमंत्री नें कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पवित्र अनुष्ठान चल रहा है। राज्य सरकार इस दिशा मे अनेक कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश की धरती पर जहां-जहां भगवान राम और भगवान कृष्ण के चरण पड़े है। वहां – वहां तीर्थ स्थल बनानें के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री नें इस पवित्र कार्य के लिए संत समाज से मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन युवाओं को सनातन संस्कृति से अवगत कराने के लिए पवित्र गीता के श्लोक के आधार पर गीता जयंती के पूर्व प्रदेश के 11 लाख विद्यार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता करानें जा रही है। इससे युवा धर्म, अध्यात्म और संस्कृति से अवगत हो सकेगें।इसके पूर्व मुख्यमंत्री नें मंचासीन धर्माचार्यो और साधु-संतों पंडित मोहित मराल गोस्वामी, सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित इन्द्रेश उपाध्याय और पंडित अनिरूद्धाचार्य को माल्यार्पण एवं शाल पहनाकर आर्शीवाद प्राप्त किया।अपने संबोधन मे विजयराघवगढ़ विधायक श्री संजय सत्येन्द्र पाठक नें मंच को संबोधित करते हुए दददा जी के व्यक्तिव, कृतित्व व जीवन वृतांत पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महोत्सव धर्म, अध्यात्म और भक्ति का अद्भुत संगम है, जहाँ विश्वकल्याण हेतु असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं अमृतमयी कथा का आयोजन हो रहा है। प्रातःकाल शिव आराधना और संध्याकाल हरिकथा एवं भजन संध्या के माध्यम से दद्दा धाम में दिव्यता का आलोक व्याप्त है।



