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दूषित पानी से तैयार किया जा रहा बर्फ, रसायन युक्त कलर का हो रहा उपयोग

नगर सहित ग्रामीण अंचलों में धडल्ले से बिक्री, कहीं बीमार न कर दे ये लोकल कैंडी

हटा। भीषण गर्मी में राहत पाने य बच्चों की जिद पर लोकल आइस क्रीम और कैंडी कुल्फी खिला रहे तो सावधान हो जाएं क्योंकि ये कुल्फी आइस क्रीम आप पर या आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर विपरीत असर कब डाल दे इसका कोई भरोसा नही है। दूषित पानी और खतरनाक रसायन और नकली रंगो से बनी आइस क्रीम और कुल्फी के नाम पर बैचा जा रहा जहर सरे आम सबके सामने बिक रहा है लेकिन प्रशासन इन मिलाबटी गुणवक्ता हीन खाद्यय पदार्थो की सैम्पलिंग तक नहीं की जा रही है। नगरी व ग्रामीणो क्षेत्रों में कैसे कुल्फीं का निर्माण किया जाता है। जानकारी न होने के चलते लोग इसका सेवन करते है। यदि इसके नुकसान को बताया जाये तो शायद देखनें के बाद शायद ही कोई इन कुल्फी को खाना पसंद करें। इसे बनाने में उपयोग किया जाने वाला पानी फिटकरी और व्लीचिंग से फिल्टर तक नहीं किया जाता हैं। जिसमें बिना कोई मानक के सैकरीन सहित अन्य रसायनों को मिला कर जमा दिया जाता हैं। कुल्फी कों जिस बर्फ में रखा जाता हैं, वह भी दूषित पानी से बनाया जाता हैं।

ऐसे की जा रही हैं तैयार-कुल्फी बनाने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि वह खौवा कलर और सामान्य कुल्फी बनाते हैं। जिसमें एसेन्स सेन्ट शक्कर इस्तमाल किया जाता हैं, जिससे कि कुल्फी फ्रीज हो जाये। पानी को छानने के अलावा फिटकरी और व्लींचिग से साफ नहीं किया जाता हैं। कुआ और बोर से लाये गये पानी में सीधे मटेरियल मिक्स कर पैकिंग की जाती हैं। संचालक के अनुसार लगभग चार सौ पेटी कुल्फी का एक घोल बनाया जाता हैं। जिसके अनुसार ही अनुमानित सामग्री डाली जाती हैं, इनका कोई मानक स्तर नहीं हैं, कम बड़ होने पर टेस्ट में बदलाव होता हैं।

नही करते हैं कार्यवाही-खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत विभिन्न स्थानों पर पहुँच कर खाद्य सामग्री का लगातार निरीक्षण किया जाना चाहिये लेकिन अब तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सेम्पलिंग क्यों नहीं की और अवैध निर्माण पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही हैं। इस पर अभी कई सवाल खडे होते है। बर्फ बेचने व कुल्फी मशीन संचालको पर खाद्य विभाग अधिकारियों का निगाहे करम ऐसा है, कि गर्मी के पूरे सीजन निकलने के बाद भी एक बार निरीक्षण य कार्यवाही नही की जाती, समझा जा सकता आखिर किस तरह लापरवाह जिम्मेदारों की वजह से यह घातक सामग्री बेची जाती है। सारे आम शहर के हर नुक्कड कुल्फी लस्सी आइस क्रीम ठेले खडे होते है लेकिन कभी भी किसी प्रकार की क्वाल्टि चेक के नाम पर भी कार्यवाही नही होते है। कलर रसायन और अन्य पदार्थो को देखने के बाद ही इसके दूषित होना तय हो जाता हैं लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही हैं। क्योंकि निरीक्षण के दौरान देखने से स्पष्ट हुआ हैं कि इनके निर्माण में गंदे पानी का इस्तमाल कर तैयार की जा रही हैं। साथ ही परिवार में भी गंदगी का आलम रहता हैं।

इनका कहना-
जल्द ही निरीक्षण कराकर गुणवक्ता मे कमी पाऐ जाने पर कार्यावाही की जाएगी।
भाव्या त्रिपाठी, एसडीएम हटा

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