नेशनल लोक अदालत का आयोजन, बिजली विभाग, बैंकिंग शाखा में उपभोक्ताओं को मिलेगा छूट का लाभ

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। जबलपुर उच्च न्यायालय में द्वितीय नेशनल लोक अदालत दिनांक 9 मई दिन शनिवार 2026 को आयोजित की जाएगी। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण साउथ सिविल लाइन जबलपुर के द्वारा प्रेस नोट जारी करते हुए बताया गया हैं। कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं माननीय मुख्य न्यायाधीश मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति माननीय संजीव सचदेवा तथा माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया कार्यपालक अध्यक्ष महोदय मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के मार्गदर्शन में प्रदेश में 9 मई 2026 दिन शनिवार को उच्च न्यायालय स्तर से लेकर जिला न्यायालय ,तालुका न्यायालय, श्रम न्यायालय, कुटुंब न्यायालय तथा अन्य न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें न्यायालय की लंबित दीवानी एवं आपराधिक धमनीय प्रकरणों एवं बैंक, विद्युत, श्रम, जलकर ,संपत्ति कर आदि प्री लिटिगेशन प्रकरणों सहित सभी प्रकार के समझौते योग्य मामले निराकरण हेतु रखे जाएंगे। दिनांक 9 में 2026 दिन शनिवार को होने जा रही नेशनल लोक अदालत में माननीय उच्च न्यायालय की तीन पीठों में कुल 8 खंडपीठ एवं अन्य न्यायालयों में 1412 खंडपीठ का गठन किया गया है। इस प्रकार संपूर्ण प्रदेश में 1420 खंडपीठों का गठन कर लगभग 1 लाख 21 हजार से अधिक लंबित प्रकरणों एवं लगभग 3 लाख प्री लिटिगेशन प्रकरणों को लोक अदालत हेतु रैफर किया गया है । इस नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम के लंबे एवं प्री लिटिगेशन प्रकरणों तथा मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत अधिरोपित संपत्ति कर एवं जलकर के प्री लिटिगेशन प्रकरणों में विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को निम्न अनुसार विभिन्न छूट प्रदान की जा रही है। पक्षकारों से अधिक से अधिक संख्या में लाभ प्राप्त करने का अनुरोध किया गया है । नेशनल लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण होने पर पक्षकार द्वारा अदा की गई कोर्ट वापसी योग होती है । लोक अदालत में दोनों पक्षकारों की जीत होती है । लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से मामला रखा जाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद का निराकरण किया जाता है। इसमें पक्षकारों के अमूल्य समय तथा व्यय होने वाले धन की बचत भी होती है। पक्षकारों में परस्पर स्नेह भी बना रहता है। नेशनल लोक अदालत में मामला अंतिम रूप से निराकृत होता है इसके आदेश की कोई अपील अथवा रिवीजन नहीं होती है।
सुश्री सुमन श्रीवास्तव सदस्य सचिव मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पक्षकारों से आवाहन किया गया है कि ऐसे इच्छुक पक्षकारगण जो न्यायालय में लंबित उपरोक्त प्रकरण में चिह्नित किए गए हैं। प्रकरणों एवं प्री लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी सहमति से नेशनल लोक अदालत में निराकरण करना चाहते हैं वह संबंधित न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क करें। ताकि मामला नेशनल लोक अदालत दिनांक 9 में 2026 दिन शनिवार को विचार में लेकर निराकृत किया जा सके।



