ग्राम सड़क के रास्ते क्यों बना ली खेती

दो गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर क्यों कब्जा, सड़क पर बो दी घास , ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
जबलपुर दर्पण । गोसलपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम घुघरी से मुस्कुरी-मुस्कुरा गांव को जोड़ने वाली प्राचीन मुख्य सड़क पर कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी, ठेकेदार और गांव के कुछ छुटभैय्ये नेताओं की मिलीभगत से सड़क पर तार फेंसिंग कर उसे बंद कर दिया गया और अब वहां गेहूं की फसल के बाद जानवरों के लिए घास बोकर सिंचाई तक कर दी गई है। इससे आम लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और छोटे वाहन तक नहीं निकल पा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सैकड़ों वर्षों से उपयोग में रही इस कच्ची सड़क से घुघरी, मुस्कुरी, मुस्कुरा और नेगई गांव का संपर्क गोसलपुर से बना हुआ था। लेकिन हाल ही में खेत मालिक राजकुमार पटेल और सुरेंद्र पटेल द्वारा मुख्य मार्ग पर फेंसिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में पटवारी प्राची असाटी और ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध रही है तथा निजी लाभ के लिए सड़क की दिशा बदलने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से गांव के बच्चे स्कूल जाते थे, लोग इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए गोसलपुर पहुंचते थे, लेकिन अब मुख्य सड़क ही समाप्त कर दी गई है। किसानों को भी खेतों तक वाहन ले जाने में परेशानी हो रही है और फिलहाल केवल बाइक एवं साइकिल ही किसी तरह निकल पा रही हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर किस अधिकार से एक प्राचीन मुख्य सड़क को खेत में बदल दिया गया और उस पर खेती शुरू करा दी गई। साथ ही पटवारी प्राची असाटी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
मैडम का रसूख अधिकारियों से क्यों बड़ा?
इस मामले में पटवारी प्राची असाटी पहले एक अखबार को यह बयान दे चुकी हैं कि जहां से सड़क बनाई जा रही है वहां के किसान को मुआवजा न देकर सड़क की दिशा बदली गई है और पुरानी व वर्तमान सड़क किसान को दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था। कि किसी भी अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं, कुछ नहीं होगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुरानी सड़क को तत्काल बहाल किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्या किसी प्राचीन मुख्य सड़क को निजी व्यक्ति को सौंपा जा सकता है? यह सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नही दे सकते मुख्य सड़क पर कब्जा
सामान्यतः किसी प्राचीन सार्वजनिक मुख्य सड़क, रास्ते या ग्राम मार्ग को किसी निजी व्यक्ति को सीधे नहीं सौंपा जा सकता, यदि वह राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे, पंचायत अभिलेख या लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में दर्ज मार्ग हो।
यदि कोई रास्ता वर्षों से सार्वजनिक आवागमन में है, तो उसे बंद करने, जोतने, फेंसिंग करने या निजी खेत में बदलने के लिए विधिवत प्रशासनिक प्रक्रिया, सीमांकन, डायवर्सन और सक्षम अधिकारियों की अनुमति आवश्यक होती है। केवल पटवारी स्तर पर ऐसा निर्णय वैध नहीं माना जाता।



