जबलपुर दर्पण

जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग का नया खेल

स्वास्थ्य कर्मचारी का लेखा जोखा, उच्च अधिकारी का खेल, लाखों रुपए मरीजों के किसके खाते में जमा

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में जबलपुर संस्कारधानी में देखने को मिला हैं। इस बड़े और भ्रष्टाचारियो पर क्यों नहीं?
राष्ट्रीय बागवानी मिशनस्वास्थ्य विभाग के बड़े घोटाले की पोल और भ्रष्टाचारियो पर क्यों नहीं की गई कार्यवाही अभी तक क्यों नहीं हुई । क्यों इतने बड़े घोटाले में लिप्त भ्रष्टाचारियो को आखिर कौन बचा रहा है। या बड़े बड़े अधिकारियों का हाथ भी है इनके ऊपर । जॉच क्यों पड़ी हुई अधूरी
क्या हैं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा हुआ मामला – हमारी मीडिया टीम ने जब बारीखी से जुड़े दस्तावेज एवं लेखा जोखा की खोजबीन की तो बड़े ही हैरान और आश्चर्य करने वाले साक्ष्य देखने को मिले।
निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष –
1, शहरी सहायक कार्यक्रम प्रबंधक जिला जबलपुर संदीप नामदेव शहरी कार्यक्रम की समस्त जिम्मेदारी इन्हीं की होती है । जिनके द्वारा किसी संस्था से आवश्यक उपकरणों की मांग नहीं की गई । स्टोर में कौन सी सामग्री आई और गई है किसी भी रजिस्टर में संधारण नहीं है।
समस्त संजीवनी क्लिनिको आवक जावक रजिस्टरों में रंगी पुताई की सामग्री एवं कंप्यूटर उपकरणों की जानकारी भी नहीं है।
संस्था प्रभारी के द्वारा कभी भी मांग पत्रक प्रस्तुत नहीं किया गया ।
पूर्व में भी शहरी सहायक कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव के द्वारा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर से प्रोत्साहन राशि में भ्रष्टाचार किया गया था । लेकिन उसे भी साधारण कार्यवाही करके दबा दिया गया।
महिला आरोग्य समिति मे शहरी सहायक कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव एवं दीपिका साहू कम्युनिटी मोबिलाइजर जबलपुर (NCD) non comunity based assessment cheklist) सामुदायिक आधारित मूल्यांकन फार्म खरीदी में भी भ्रष्टाचार किया गया है ।
शहरी सहायक कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव के पूर्व में महिला आरोग्य समिति उन्मुखीकरण में भ्रष्टाचार किया गया है । विक्रेताओं से राशि की मांग की गई । मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला कलेक्टर से इसकी कई बार शिकायत हुई है ।
2, शहरी अर्बन नोडल अधिकारी डॉ अमजद खान पूर्व में पैसे लेकर मेडिकल ऑफिसर की सैलरी एवं प्रोत्साहन राशि में संलग्नता एवं क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता देखने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की थी ।
बिना सार्थक एप एवं बिना प्रमाणीकरण के प्रोत्साहन राशि वितरित की जा रही है ।
3 डॉ जय श्रीवास्तव जिला परिवार कल्याण कार्यक्रम की समस्त जिम्मेदारी इन्हीं की है और डॉक्टर जय श्रीवास्तव के द्वारा ही अनुमति दी गई है। साथ ही नई पहल किट का व्यवस्थित वितरण भी नहीं है ।
4 डॉ विनीता उप्पल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिम्मेदारी इन्हीं की है। और खरीदी में इन्हीं के द्वारा अनुमति प्रदान की गई है ।
5 डॉ राकेश व्यास बीमारी के चलते कार्यालय में बहुत कम आते जाते हैं? उपकरण क्रय समिति के सदस्य यह भी हैं और इन्होंने भी अनुमति प्रदान की है ।
6 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर जिला जबलपुर नियम के विरोध (HBNC) home based new born care घर आधारित नवजात शिशु देखभाल किट क्रय में भ्रष्टाचार किया गया।
7- रेखा साहू जिला लेखा अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला जबलपुर चौवन (54) लाख रुपए के बिलों का भुगतान बिना नियम के किया । जब की इतने बड़े बिलों के भुगतान के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर महोदय की अनुमति लेना अनिवार्य है।
इन सब कर्मचारी एवं अधिकारियों को बचाया जा रहा है भ्रष्टाचार में संलकता पूर्ण रूप से दिख रही है।
और जॉच पड़ता की गति भी धीमी गति से की जा रहीं हैं?
अब सवाल उठता हैं कि जबलपुर मेडिकल स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या कार्यवाही पूर्ण कर पाता हैं या फाई मध्यप्रदेश स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा संज्ञान में लिया जायेगा।

वर्तमान समय में – 2026 की स्थिति के अनुसार, मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल (उपमुख्यमंत्री) हैं। उन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग का भी प्रभार संभाल रहे हैं। वहीं, श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल मध्यप्रदेश सरकार में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के राज्य मंत्री हैं।
प्रमुख विवरण:लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल उपमुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88