चंद घंटों की बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल, कई इलाके जलमग्न

‘कागजों पर हुई नालों की सफाई’ : कांग्रेस पार्षद दल
जबलपुर दर्पण । शहर में हुई चंद घंटे की बारिश ने नगर निगम प्रशासन के मानसून पूर्व तैयारियों के दावों की हकीकत सामने ला दी है। बारिश के बाद स्नेह नगर, यादव कॉलोनी, चेरीताल, गढ़ा, तुलाराम चौक,उड़िया मोहल्ला नया मोहल्ला,गुरंदी मुकदमगंज, सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, उप नेता प्रतिपक्ष शुगफ्ता उस्मानी गुड्डू नबी तथा कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि नगर निगम द्वारा मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि शहर के नालों की 60 प्रतिशत से अधिक सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन चंद घंटे की बारिश ने उन दावों की पोल खोलकर रख दी।
नगर निगम प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा था कि शहर के पांच बड़े और 133 छोटे नालों की सफाई युद्धस्तर पर की जा रही है तथा मानसून से पहले सभी नालों को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। इसके बावजूद शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर जाना यह साबित करता है कि सफाई कार्य केवल कागजों और रिपोर्टों तक सीमित रहा। लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद नाले-नालियों की वास्तविक स्थिति बेहद खराब है। शहर के अनेक क्षेत्रों में नालों में कचरा जमा है और कई जगह नालियां पूरी तरह चोक पड़ी हुई हैं। चार खंबा क्षेत्र, सूजी मोहल्ला और अन्य स्थानों के नालों में अब भी कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे बारिश का पानी निकासी नहीं कर पा रहा है।
नगर निगम प्रशासन जनता को गुमराह कर रहा है। यदि वास्तव में 60 प्रतिशत सफाई कार्य पूरा हो चुका होता तो पहली ही बारिश में शहर के प्रमुख इलाके जलमग्न नहीं होते। यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
बारिश से पहले निगम अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। नागरिकों को जलभराव, गंदगी और आवागमन की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम सीमा में ओमती नाला, मोतीनाला, खंदारी नाला, शाह नाला और उर्दुआ नाला जैसे पांच बड़े नाले तथा 133 छोटे नाले मौजूद हैं। यदि इनकी समय पर और प्रभावी सफाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में तेज बारिश के दौरान शहर के कई क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि मानसून को देखते हुए नालों और नालियों की सफाई का वास्तविक आकलन कराया जाए, जलभराव वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। कांग्रेस पार्षद दल ने चेतावनी दी कि यदि नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



