विश्व कौशल दिवस: दिव्यांग विद्यार्थियों को डिजिटल और रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण

जबलपुर दर्पण । विश्व कौशल दिवस के अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से विशेष स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक, कंप्यूटर संचालन, डिजिटल साक्षरता तथा ब्रेल प्रिंटर के उपयोग सहित आधुनिक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रो. अरुण शुक्ल ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य में आत्मविश्वास के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को बेसिक और एडवांस कंप्यूटर प्रशिक्षण, कम्युनिकेशन इंग्लिश, सॉफ्ट स्किल्स, विभिन्न जॉब स्किल्स, व्यक्तित्व विकास, एम्प्लॉयबिलिटी तथा प्रभावी रिज्यूमे तैयार करने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रो. शुक्ल ने बताया कि यह प्रदेश का पहला महाविद्यालय है, जहां दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए ब्रेल प्रिंटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस तकनीक की मदद से नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री ब्रेल लिपि में तैयार की जा रही है, जिससे उनकी शिक्षा अधिक सुगम और प्रभावी बन रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह मध्यप्रदेश का एकमात्र महाविद्यालय है, जहां नेत्रहीन दिव्यांग विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। इसी कारण यहां 100 से अधिक दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और उन्हें शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक कौशल विकास का भी लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी, डॉ. संघप्रिया तिवारी, डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, डॉ. तरुणेन्द्र साकेत, प्रशिक्षक राजीब गिरी, खेमचरन गुरुम तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग विद्यार्थी उपस्थित रहे।



