दैनिक भोगी कर्मचारीयों को तीन माह नहीं मिला वेतन, कैसे करें जीवन यापन

संवाददाता बिंजन श्रीवास, कटनी दर्पण। प्रदेश में सबसे कम वेतन पाने वाले स्थाई कर्मी, दैनिक भोगी कर्मचारीयों को तीन माह से वेतन न मिलने से उनके घरों में खाने के लाले पड़ने लगे हैं। कोरोना वैश्विक महामारी व लाकडाऊन के बाद कर्मचारीयों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। तो वहीं दूसरी ओर विभाग द्वारा आवंटन की अनुपलब्धता बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ जा रहा है।
विगत दिनों मप्र स्थाई कर्मी कल्याण संघ जिला कटनी द्वारा अनुसूचित जाति विकास आयुक्त भोपाल व जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को पत्र लिखकर बताया गया कि आदिम जाति कल्याण विभाग कटनी द्वारा संचालित छात्रावासों व आश्रमों में कार्यरत स्थाई कर्मी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीयों पिछले तीन माह से पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। वहीं संघ द्वारा जिला कार्यालय में संपर्क किया गया तो विभागीय अधिकारीयों द्वारा आवंटन की अनुपलब्धता बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है, जो कर्मचारीयों के जीवन पर प्रश्न चिन्ह अंकित करता है। क्योंकि स्थाई कर्मी, दैनिक भोगी कर्मचारी प्रदेश में सबसे कम वेतन पाने वाला कर्मचारी वर्ग है एवं परिवार पालन का मुख्य स्रोत प्रतिमाह मिलने वाला पारिश्रमिक ही होता है। वाबजूद इसके जिला प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। मप्र स्थाई कर्मी कल्याण संघ जिला कटनी ने पत्र के माध्यम से बताया कि विभाग द्वारा इस कोरोना काल में आवंटन का अभाव बताकर कर्मचारीयों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जो मानवीय आधार पर उचित नहीं है। बताया गया कि कर्मचारीयों को 18 माह का एरियर्स भी अप्राप्त है। जिसके कारण कर्मचारी परिवार सहित भूखे मरने की कगार पर आ गया है। मप्र स्थाई कर्मी कल्याण संघ जिला कटनी ने अनुसूचित जाति विकास आयुक्त भोपाल व जिला कलेक्टर को पत्र सौंपकर जिले के स्थाई कर्मी, दैनिक भोगी कर्मचारीयों का बकाया पारिश्रमिक व एरियर्स भुगतान करने की मांग की है।



