विश्व कौशल प्रतियोगिता के लिए हुनरमंद युवाओं को दें मौका

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि फ्रांस में वर्ष 2024 में होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के हुनरमंद युवाओं को भी कौशल विभाग द्वारा मौका दिया जाना चाहिए। वरिष्ठ सक्षम अधिकारीयों ने अस्वासन तो दिया है। कौशल के क्षेत्र में यह प्रतियोगिता ओलम्पिक के समान है। जो प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित की जाती है। इसके लिए पहले राज्य स्तरीय प्रतियोगिता होती है जिसमें चयनित युवक एवं युवतियों को राष्ट्रीय स्तर की इंडिया स्किल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्राप्त होता है।कौशल और हुनरमंद युवाओं को चयनित तथा प्रोत्साहित करने के लिए राज्य कौशल प्रतियोगिताऒ का आयोजन किया जाता है। ये प्रतियोगिता मध्यप्रदेश सरकार तथा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित की जाती है इस बार जनवरी 2002के बाद जन्म लेने वाले 44 विभिन्न तकनीकी कौशलों के लिए तथा जनवरी 1999 के बाद जन्म लेने केवल 10 विभिन्न तकनीकी कौशलों के लिए पंजीयन करवा सकते हैँ सर्वाधिक विशेष बात ये हैँ कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए शैक्षणिक योग्यता की पात्रता नहीं हैँ जिन युवाओं के पास तकनीकी कौशल तथा उधम की शक्ति हैँ वे 15 दिसंबर तक निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैँ। पंजीयन का अवसर डी एस टी डॉट इन, जी ऒ वी डॉट एवं ऍम पी स्किल डॉट जी ऒ वी डॉट इन इनमे भी पंजीयन करवा सकते हैँ। संगठन के भास्कर गुप्ता, विशाल सिंह,राकेश मून, निशिकांत फड़के, ऋषि पाठक,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, बैजनाथ यादव,जीतेन्द्र चौहान,विश्वनाथ सिंह,जी आर झारिया,आदेश विश्वकर्मा,कमलेश दुबे,अनिल जैन, प्रमोद दुबे, रवि विश्वकर्मा,विष्णु झारिया, राशिद अली,अजय श्रीपाल,धर्मेंद्र परिहार,अजब सिंह,नितिन तिवारी,डेलन सिंह, इमरत सेन,चंद्रभान साहू,अफ़रोज़ खान, मुकेश कोल,समर सिंह मदन पांन्द्रो, ब्रजवती आर्मो,अम्बिका हँतिमारे, भगीरथ परसते, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन गीता कोल, सरोज कोल, देवेंद्र राजपूत, आसाराम झारिया,आलोक शर्मा, आदेश विश्वकर्मा, संदीप परिहार,रेनू बुनकर, रजनी गुप्ता,अनुराधा नामदेव,ममता पटेल,अनुपमा तिवारी,रश्मि रैकवार,जागृति मालवीय, आदि ने मुख्य मंत्री महोदय से कहा है,कि मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के हुनरमंद युवाओं को चयनित कर पूर्ण पारदर्शिता के साथ विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के रूप में फ्रांस पहुँचवाये तथा देश -प्रदेश का नाम रोशन हो।



