सतधारा मेला जनपद की देखरेख 26 तक, फिर व्यापारी अपनी सुरक्षा पर लगाता है दुकान

जबलपुर दर्पण। सिहोरा तहसील के जबलपुर का सबसे बड़ा सतधारा मेला 14 जनवरी से 26 जनवरी तक आयोजन किया जाता है। जबकि जनपद प्रशासन के द्वारा 14 जनवरी से प्लाट आवंटित कर दिया जाता है। मेला व्यापारी करीब एक सप्ताह बाद आयोजित सतधारा मेला में दुकान लेकर पहुंचते हैं। जिसके कारण सतधारा मेला निर्धारित समय से एक सप्ताह को बढ़ जाता है। व्यापारियों को प्रशासन के द्वारा 14 जनवरी से 26 जनवरी तक व्यवस्था मिल पाती है। शेष 27 जनवरी से बिजली, पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सहित अन्य व्यवस्था खत्म कर दिया जाता है। व्यापारी अपनी सुरक्षा में करीब एक सप्ताह तक मेला मैं दुकान जमाए रहते हैं। धार्मिक सतधारा मेला में आव्यवस्था के तौर पर अवैध वसूली, अवैध कार्य, लड़ाई झगड़े, अवैधानिक व्यापार जैसे गलत कार्य अधर्म में बदलने के लिए कुछ दुष्ट स्वभाव के लोग धार्मिक मेला को दुष्प्रभाव फैलाते हैं। मेला दर्शनार्थीयों का कहना है, कि सतधारा मेला में दुष्ट स्वभाव के लोग और कुछ प्रशासनिक कर्मचारी की मिलीभगत से मेले के अंदर भ्रष्टाचार पनपता है। जिससे मेले मैं कई जिलों व तहसीलों से पहुंचे व्यापारियों व जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिला पंचायत सदस्य अंजलि गोलू पांडे एवं क्षेत्र वासियों ने प्रशासन से मांग किया है कि अगले 2024 जनवरी में आयोजित होने वाले सतधारा मेला में जो व्यापारी साथ में दुकान लेकर पहुंचते हैं। उसे प्रशासन के द्वारा पहले दुकान आवंटित किए जाने चाहिए। निर्धारित प्लाट बनाकर व्यापारियों को आवंटित किए जाने चाहिए, ताकि नए व्यापारियों को व्यापार करने का मौका मिले। जो 14 से 15 जनवरी तक दुकान लेकर मेला परिसर नहीं पहुँचता तो प्रशासन समिति के द्वारा पुराने व्यापारी का प्लाट नवीन कर तुरंत नए व्यापारी को दुकान लगाने को आवंटित किए जाने चाहिए। ताकि सतधारा मेला निर्धारित समय पर आयोजन किया जाए और धार्मिक मेला को भ्रष्टाचारों से बचाया जा सके। आने वाले समय में सिहोरा तहसील के लोग सतधारा पर्यटन के रूप में देखना चाहता है।



