ग्रामीणवासी भटक रहे आधार कार्ड बनवाने

प्रशासन के बदलते नियमों के चक्कर में फंसे मजबूर
मझौली रिपोर्टर। नगर मझौली से लगे लगभग 50 गांव के व्यक्ति एवं नगर की जनसंख्या के अनुसार केवल मझौली नगर में एक आधार कार्ड सेंटर है उसमें भी केवल एक ही मशीन चलाई जाती है जिससे ग्रामीण वासियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है सुबह से शाम तक हो जाती है तो व्यक्तियों के आधार कार्ड नहीं बन पाते।
दिन प्रतिदिन शासन के नियम बदलते रहते हैं जिससे आम नागरिक भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है हर जगह शासन के नियमों के अनुसार आधार कार्ड को मान्यता दी जा रही है कहीं बैंकों में भी हर नगरी निकाय से लेकर ग्राम पंचायतों में भी किसी भी शासकीय कार्य करवाने के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ रही है जिससे आम नागरिक परेशान हो रहा इसके बावजूद अब मध्य प्रदेश शासन के नियम के अनुसार राशन दुकानों में भी आधार कार्ड के माध्यम से हर व्यक्ति की ई केवाईसी की जा रही है नगर एवं ग्रामीणों में भी संचालित राशन दुकानों में यह कार्य चालू हो गया है जो कि जिन लोगों के बच्चों एवं बुजुर्गों के बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट नहीं आ रहे बो भी अपने आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए लंबी लाइनों में लगकर इस तपती धूप में दिन भर परेशान हो रहे उसके बावजूद भी व्यक्ति अपना 1 दिन का नुकसान कर कर आता है और उसी दिन आधार कार्ड भी नहीं बन पाता फिर वह दूसरे दिन आकर लंबी कतार में लगता है फिर कहीं उसको आधार कार्ड बन पाता है।
ग्रामीण वासियों का कहना है कि हम लोग ग्रामीण से आते हैं और नगर मझौली में केवल एक ही मशीन हैं जो आधार कार्ड बनाती है दिन भर तपती धूप में अपने बच्चों को लेकर आते हैं जिससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है फिर भी आधार कार्ड सुधार कार्य नहीं हो पाता उसी दिन।



