डॉ. अर्जुन राष्ट्रीय रत्न एवं शौर्य भारत से विभूषित होने वाले पहले शोधार्थी

जबलपुर दर्पण। 75वें स्वतंत्रता दिवस पर द ग्लोबल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन, गवर्नमेंट ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतिष्ठित पुरस्कार सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा, कला व खेल के क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर रही विभूतियों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में पूरे भारत से 38 विभूतियाँ अलंकृत हुईं, जिसमें मध्य प्रदेश से शासकीय मो.ह. गृह विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर में कार्यरत, एशिया व विश्व में सर्वाधिक अवार्ड का रिकॉर्ड व चार रत्नों से सम्मानित डॉ. अर्जुन को शौर्य भारत सम्मान से विभूषित किया गया एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक एवं लोकप्रिय स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद जी की स्मृति में समाज हेतु किये गये शोध कार्य को दृष्टिपरख करते हुए राष्ट्रीय रत्न समाज सेवा से विभूषित किया गया l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विजय कुमार साह जी द्वारा डॉ. अर्जुन को सम्मानित किया गया, जिसमें टीजीएचआरएफ लंदन की कुलपति डॉ. हेमा रविशंकरी, टीजीएचआरएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि के.एस. नारायण, मलेशिया से टीजीएचआरएफ के अध्यक्ष डॉ. के.आर. अरुणाचलम एवं श्री लंका से टीजीएचआरएफ प्रोग्रामिंग हेड दिव्या कृष्णमूर्ति उपस्थित रहे l डॉ. अर्जुन वन विभाग में सेवारत पिता नर्मदा प्रसाद शुक्ला व मनोरमा के सुपुत्र है एवं शासकीय ओ.ऍफ़.के महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. रीता भंडारी के मार्गदर्शन पर डॉ. अर्जुन ने शोध शिक्षा प्राप्त की ।



