जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेशसिहोरा दर्पण

बबंदरकुला खरीदी केंद्र में अचानक निरीक्षण

एसएमएस नहीं आने से किसान अधिक हो रहे परेशान
मनीष श्रीवास रिपोर्टर,जबलपुर। सिहोरा तहसील के अंतर्गत बंदरकुला खरीदी केंद्र में प्रशासन ने खरीदी केंद्र को लेकर बंदरकुला में चार खरीदी केंद्रों को मिलाकर एक परिसर बना दिया गया है । जिस पर खरीदी केंद्र परिषदर के अंतर्गत 54 एकड़ में धान विक्रय की व्यवस्था बनाई गई है। इस बंदरकुला खरीदी केंद्र में 50 से ज्यादा गांव किसान धान विक्रय के लिए जुड़े हुए हैं। इस केंद्र के संतोष गर्ग ,अनिल उपाध्याय , राम सुधारें ,और चंद्रभान प बदर कुला टेल अलग-अलग समिति प्रबंधक नियुक्त किये गये हैं वहीँ चार सर्वेयर कर्मचारी खरीदी कार्य पर लगातार कार्य कर रहे हैं । इस खरीदी केंद्र में करीब 12 हजार  क्विंटल अब तक धान की खरीदी जा चुकी है  8 दिसंबर को जिला विपणन अधिकारी जबलपुर रोहित बघेल, नायब तहसीलदार राहुल मेश्राम ग्रामीण विस्तार अधिकारी सिहोरा मीना जाटव, संतोष बर्मन की टीम ने अचानक बंदरकुला खरीदी केंद्र में पहुंचकर निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान समिति प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों को शुद्ध साफ धान लेने की हिदायत देते हुए चारों समितियों पर रखी धान का निरीक्षण किया।
सरकार खरीदी केंद्र को पूरी तरह से विक्रय प्रक्रिया बदल दिया है। सिहोरा पूर्वी दिशा क्षेत्र की चारों समितियां मझगवां, फनवानी, नुंजा और शैलवारा को मिलाकर एक ही परिसर का दर्जा दिया है। किसानों के गांव व खेत खलिहान से 10 किलोमीटर की दूरी खरीदी केंद्र बंदरकुला जंगल क्षेत्रफल पर 54 एकड़ मैदान पर फैला हुआ है । चारों खरीदी केंद्र उस परिसर पर स्थापित कर दिया है। प्रशासन अपने फायदे को देखकर किसानों के नुकसान पर उतारू है। किसानों को खरीदी केंद्र दूरी होने के कारण परिवहन भाड़ा 15 सौ से लेकर 2  हजार तक धान से भरी प्रति टाली और एक हजार पल्लेदारी का भुगतान करना पड़ता है। खरीदी केंद्र दूरी होने पर छोटे छोटे किसान पल्लेदारी व परिवहन किराया जैसे खर्च देने में असमर्थ हो रहा हैं वहीं मजबूर भी है। अपनी धान खरीदी केंद्र पर उचित लाभ नहीं मिलने पर  मजबूरन घर से ही किसान पंजीयन सहित धान को किसी व्यापारी को बेचने पर मजबूर है । जिला विपणन अधिकारी जबलपुर के समक्ष खरीदी केंद्र में सभी उपस्थित किसानों ने अपनी बात रखते  हुए बताया कि किसानों पर  प्रशासन के द्वारा किसान भेदभाव का बर्ताव कर धान खरीदी एसएमएस  किसानों के मोबाइल तक नहीं पहुंच रहा है। जिससे एक  माह से अधिक बीतने के बाद भी किसान उपज धान की रखवाली खेत खलिहानों पर कर रहा है । खुले आसमान पर रखी धान को लेकर किसान परेशान हैं। प्रशासन की ओर से किसान मोबाइल पर एस एम एस जल्द देने की मांग रखी गई है।
जिला विपणन अधिकारी रोहित बघेल ने बताया की धान खरीदी कार्य पर प्रशासन कुशल पूर्वक कार्य कर रही है। किसानों से अपील है, कि अपनी उपज धान  को शुद्ध-साफ कर खरीदी केंद्र विक्रय के लिए पहुंचे । धान विक्रय संबंधी सभी हिदायतें देते हुये समिति प्रबंधकों को निर्देश दे दिये गये है।

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