सोमवती अमावस, वट सावित्री व्रत के साथ शनि देव प्राकट्योत्सव का महासंयोग आज

शनि धाम तिलवारा घाट मे होगा महामहोत्सव
जबलपुर दर्पण। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि जन्मोत्सव का पर्व मनाया जाता है। इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था तभी से ये दिन शनि जन्मोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. शनि देव के भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और विधि-विधान के साथ शनि देव की उपासना करते हैं। श्री शनि जन्मोत्सव पर 30 मई सोमवार को तिलवारा स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में प्रातः शनि अभिषेक ,अखण्ड रामायण पाठ,शाम 6 बजे शनि महाभिषेक ,56भोग प्रसाद अर्पण ,दिव्य आरती व पूरे दिन भंडारे का आयोजन किया गया है। मंदिर के व्यवस्थापक पं. सतीश तिवारी ने बताया कि इस साल शनि जंयती का पर्व बेहद खास माना जा रहा है। शनि जन्मोत्सव के दिन सोमवती अमावस्या और वट सावित्री का त्योहार भी मनाया जाएगा. ऐसा संयोग तकरीबन 30 साल बाद बन रहा है. इस दौरान शनि देव कुंभ राशि में रहेंगे और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। इस कारण इसका महत्व और बढ़ गया है। इस दिन पवित्र स्थानों एवं नर्मदा घाटों में श्रद्धालुओं द्वारा पुण्य की डुबकी लगाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार इस शुभ अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान करने के साथ ही दान पुण्य करना विशेष पुण्यकारी माना गया है। स्नान व दान पुण्य से लोगों को जीवन में कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा ग्रहगत दोष भी दूर होते हैं। पुराणों में वर्णित है कि शनिदेव की महादशा या साढ़ेसाती से परेशान जातकों को शनि जन्मोत्सव के दिन शनिदेव की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन पूजा करने से शनिदेव अति प्रसन्न होते हैं।
शनिधाम मे विधि विधान से पूजन अर्चन करने का पं सतीश जी महाराज, पं अनिल मिश्रा,संजय तिवारी, अखिलेश सोनी , नितिन भाटिया ,विध्येश भापकर, शुभम तिवारी, हितेश पटेल, शिवा तिवारी, विवेक पांडे, गणेश साहू, विजय ठाकुर, राजकुमार पटेल, मनीष साहू , विजय पटेल, मनोज ठाकुर,अशोक साहू ,विकास गौतम, मंजू केवट, अभिषेक सहित कार्यकर्ताओ ने सभी श्रृध्दालुओ से उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।



