झोलाछाप डॉक्टरों की अवैध दवाखानों का संचालन

डिन्डोरी र्दपण। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर बसे ग्राम पंचायत शाहपुर मे ,झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा गांव के भोले भाले लोगों को खुलेआम लूटा जा रहा है !शाहपुर पलकी मार्ग में बंगाली डॉक्टर गीता प्रसाद बाला की दो क्लीनिको का संचालन हो रहा है। और सरस्वती शिशु मंदिर शाहपुर के समीप राजेश परस्ते नाम के झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा अपने घर में ही अवैध क्लीनिक का कारोबार किया जा रहा है, तीसरा बंगाली डॉक्टर सिगदार है ,जिसकी क्लीनिक लाली के दुकान के बाजू में है, जहां अवैध रूप से गांव के भोले भाले लोगों को खुलेआम रूप से लूटा जा रहा है! कोरोनाकाल जैसी विषम परिस्थितियों में भी इन बंगाली डॉक्टरों के द्वारा अपने घरों में लोगों से मोटी रकम लेकर अमानक स्तर का इलाज किया जाता रहा है! ग्रामीणों की मानें तो इन बंगाली डॉक्टरों के द्वारा रीशा, भगंदर ,बाबासीर का ऑपरेशन 16,000 से ₹20,000 में अपने इन अवैध क्लीनको में किया जाता है, जिसमें कई मरीजों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ जाता है, लेकिन ना जाने क्यों जिला चिकित्सालय में बैठे अफसर इन बंगाली डॉक्टरों पर कार्यवाही करने से परहेज करते हैं! एक झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा बताया गया कि हम बंगाल ,कोलकाता से बाबासीर ,भगंदर की दवा लाकर यहां पर लोगों का ऑपरेशन करते हैं, इनकी अवैध क्लिनिको में लोगों को ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई जाती हैं ,जबकि इन लोगों के पास ना तो कोई वैध डिग्री है, ना ही कोई वैध डिप्लोमा है ,लेकिन जिला चिकित्सालय में बैठे अफसरों का संरक्षण जरूर प्राप्त है ,तब ही तो ये लोग खुले रूप से लोगों को दोनों-दोनों हाथों से लूट रहे हैं!


