जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

संत अलॉएसियस स्कूल पोलीपाथर में पूर्वप्राथमिक शालाका वार्षिक उत्सव समारोह

जबलपुर दर्पण। संत अलॉएसियस स्कूल पोलीपाथर में दिनांक 20जनवरी 2024 को पूर्व प्राथमिक शालाके नन्हे विद्यार्थियों द्वारा वार्षिक उत्सव समारोह का भव्य आयोजनकिया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि श्रीमती इशदीप कौरसाहनीतथाविशिष्ट अतिथि श्रद्धेयफादर एस. जी.विल्सनथे। मुख्य अतिथि श्रीमती इशदीप कौरसाहनी(शिक्षाविदएवं कथा वाचक)कास्वागत नन्हें छात्रोंने पौधाभेंटकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए किया।इस वार्षिक उत्सव समारोह का शीर्षक‘इन्द्रधनुषी रंग’रखा गया। जिसके तहत विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
दीप प्रज्वलन हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाकर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।अलॉयशियन परिवार की इसी संस्कृति का निर्वहन करते हुएमुख्य अतिथि श्रीमती इशदीप कौरसाहनी, विशिष्ट अतिथिशाला प्रबंधकश्रद्धेय फादरएस. जी.विल्सन, शाला प्राचार्या श्रीमती सोमाजार्ज, शाला उपप्रचार्य श्री डेनिस पैट्रिक, कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती आरती फ्रैंकएवंश्रीमतीऐलीअम्मातथा छात्र आकाश यादव ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम काशुभारंभकिया।
सर्वधर्म (हिंदू, मुस्लिम, सिख,ईसाई) में समभाव कीसुंदर प्रस्तुतिविभिन्न धर्म ग्रंथों के पठनके साथ प्रस्तुत कीगई।स्वागत भाषणएक ऐसा वक्तव्य है जो किसी भी कार्यक्रम की बैठक,सभाया उत्सव की शुरुआत को दर्शाता है। इन्हीं भावनाओं को अपने शब्दों में पिरो कर के. जी.कक्षा के छात्रों आरव रोहित राय,कार्तिकेय पाठक,आकाश यादवने स्वागत भाषण द्वारा समस्त सम्माननीय अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत वंदन किया।
गीत से प्रार्थना दुगनी होती है। परमेश्वर की प्रशंसा, स्तुति और गुणगान करते हुए हमारे नन्हें विद्यार्थियों ने प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम किसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए समस्त अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत करने हेतु मनोरंजक नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास को दर्शाते हुए नन्हें छात्रों ने नंबर नाटिका कोप्रस्तुत किया।
प्रयास ,विश्वास, मेहनत, काबिलियत और कामयाबी सेसफलता प्राप्त करने वाले उनविद्यार्थियों को,जिनकी मेहनत और निरंतर प्रयास ने हमारे विद्यालय को गौरवान्वितकिया उनप्रतिभागियों के हौसलों और हिम्मत की दाद देते हुए सत्र 2023- 24 के शैक्षणिक सत्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि श्रीमती इशदीप कौरसाहनीतथाविशिष्ट अतिथि श्रद्धेय फादर एस. जी.विल्सनद्वारा पुरस्कृत कियागया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहां की बच्चों को क्वालिटी टाइम के साथ-साथ क्वांटिटी टाइम भी दें यह समय बच्चों के खेलने का समय है तो बच्चे खूब खेलें पर साथ में सीखें भी क्योंकि बचपन की सीख जीवन भर याद रहती है व्यक्तिगत उदाहरण के साथ मैडम ने विभिन्न कहानियां जैसे प्यासा कौवे की कहानी को जोड़कर इस बात को प्रमाणित किया शिक्षक गण की सहना उनके कठिन कार्यों के लिए की।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि द्वारा दिए गए अमूल्य समय,प्रेरक विचारों से हमें अभिभूत करने पर शाला प्रबंधक फादर एस.जी. विल्सनने उन्हें सादर शालेय स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
प्रार्थना वह भाव है, जोईश्वर केप्रति हमारे प्रेम, सम्मान, अर्चना, और अराधनाकोप्रस्तुत करताहै। बाल मन में ईश्वर के प्रति इन्हीं भावों को उत्पन्न करते हुएएक्शन सान्गकीमनमोहक प्रस्तुति दी गई।
आज के बदलते आधुनिक परिवेश में किसी को भी छोटा जानकर अपमानित नहीं करना चाहिए क्योंकि परिस्थिति विशेष में छोटा व्यक्ति भी हमारे काम आ सकता है।इसी भावना की झलक कोअंग्रेज़ी नाटिकामें दिखाया गया।
वार्षिक रिपोर्ट बीते हुए पूरे वर्ष के दौरान एक संगठन की गतिविधियों की गहन रिपोर्ट है।यह विद्यालय में वर्ष भर में हुई गतिविधियों के बारे में सूचना देती है।इसी विचारों के साथ हमारे विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सोमा जार्ज के द्वारा प्रदान की गई।भारतीयसंस्कृति भारत के विभिन्न प्रदेशों के लोक नृत्य में बसे साकार स्वरूप के दर्शन वउनकी सूक्ष्म अंतर आत्मा द्वारा पहचानी जाती है। भारत की संस्कृति नेसमस्त विश्व मेंइसी माध्यम से अपनी पहचान बनाई हैतथाहमारी संस्कृति की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।इसी संस्कृति की एक सुंदर झांकीविद्यालय के बाल कलाकारों ने कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं दक्षिण भारत केनृत्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विशिष्ट अतिथिश्रद्धेय फादरएस.जी.विल्सनको मंच पर आमंत्रित किया गया कि वह अपने विचारों से हमें अभिभूत करें तथाउन्होंनेअपने उद्बोधन में इन नन्हें छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की सराहना की तथा उन्हें बधाई देते हुए कहा कि हर बच्चा ईश्वर का उपहार है जो और हमें उनके उन्हें कल का भविष्य बनाना है श्रद्धा फादर ने उद्घोषणा नृत्य नाटक को कर आते हुए सभी से अनुरोध किया कि करताल धोनी से उनका उत्साह वर्धन करें शिक्षकों के द्वारा इन बच्चों को सीखने के कठिन कार्य को करने के लिए करने के कारण प्रोत्साहित करते हुए प्रोत्साहन दिया गया फादर ने कहा यही सही समय है क्योंकि इनका दिमाग इस समय सब कुछ जल्दी सीखने के लिए तत्पर रहता है फादर ने अभिभावकों का भी आभार प्रकट किया क्योंकि उन्होंने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था फादर ने अपने उद्बोधन ने मुख्य चार बातों को समाहित किया क्वालिटी टाइम के साथ क्वांटिटी टाइम देना बच्चों की बात को धैर्य के साथ सुना बच्चों की आवश्यकता के अनुरूप सब कुछ देने की बजाय कभी-कभी उन्हें न बोलना तथा उम्र के अनुरूप एवं स्तर के अनुरूप अपेक्षा रखता यदि बच्चे कभी गलती भी करें तो उसे हमेशा यह सीख देना कि, वह अपनी गलती दोहराए नहीं।
वार्षिक उत्सव के इस शानदार आयोजन के लिए कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती आरती फ्रैंक ने समस्त अतिथि सहित शालेय परिवार का धन्यवाद कर अपना आभार प्रकट किया।रंगों के महत्व का संदेश देते हुए विद्यालय के नन्हे कलाकारों ने कार्यक्रम के अंत में जीवन के रंगविषय पर एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया।
यह कार्यक्रम शाला शिक्षिकाएं श्रीमती आरती फ्रैंक एवं श्रीमती ऐलीअम्माके मार्गदर्शन में सकुशल संपन्न हुआ।

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