वैक्सीन माफिया की जांच की मांग : कांग्रेस प्रवक्ता
जबलपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना काल में जिस प्रकार नकली रेमदेसीविर फंगस इंजेक्शन बेची गई वहीं अब नकली खाद बीज बाजार में बेची जा रही हैं । पूर्व में कांग्रेस के समय में शुद्ध के लिए युद्ध कार्यक्रम चलाया गया जिससे मिलावटखोरों पर अंकुश लगा था ।आज प्रदेश की जनता और किसान परेशान हैं कोरोना महामारी में शासन प्रशासन की नाकामी के कारण मिलावट खोर , जमा खोर निरंकुश हो गए हैं।
मध्य प्रदेश की भूमि विगत सोलह सालों में माफिया उत्पादन में इतनी उर्वरा हो चुकी है । कि रोज नए-नए माफिया पैदा हो रहे हैं।
कोष्टा ने कहांअभी तक तो मध्यप्रदेश में नकली रेमडेसीविर इंजेक्शन बेचने बनाने के माफिया सक्रिय थे ,नकली प्लाज्मा सप्लाई करने,अस्पतालों से इंजेक्शन चुराने, ब्लैक फंगस के इंजेक्शन में गड़बड़ी करने वाले माफिया लहलहा रहे थे। लेकिन अब तो वैक्सीन में भी घोटाला करने वालों की फसल लगाने लोग सक्रिय हो गए हैं। जबलपुर में मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट के नाम से 10 हजार कोवीशील्ड वैक्सीन का आदेश सीरम इंस्टिट्यूट को कैसे प्राप्त हो गया? किस ने आदेश दिया? जबकि इस नाम का कोई अस्पताल या संस्थान जबलपुर में है ही नहीं। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन रिएक्शन कर रहे हैं । सप्लाई टर्मिनेट करनी पड़ रही है लेकिन वातावरण नहीं सुधर रहा है। इस अराजक स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? कौन बार-बार सुशासन और शुचिता का दावा करता है। सरकार से उन्होंने मांग की कि तत्काल या तो इस अस्पताल को ढूंढा जाए या कोवीशील्ड का आदेश देने वाले व्यक्ति को ,अन्यथा यह माफिया प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा पर भारी पड़ने वाला है।
कांग्रेस ने इस टीका कांड की जांच की मांग की है।



