एग्रीकल्चर भारत की लाइफ लाइन है -डॉ. धीरेंद्र खरे

जबलपुर दर्पण। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन की सद्प्रेरणा व अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेंद्र खरे के मुख्य आतिथ्य में कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के सभागार में कृषि उद्यमिता उन्मुखीकरण व अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के बी.पी.डी. सेंटर द्वारा जवाहर राबी के प्रेरणा एवं साकार के 31 स्टार्टअप के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। कार्यक्रम के शुभारंभ में मां सरस्वती के पूजन एवं विश्वविद्यालय कुलगीत का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेंद्र खरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि हमारे देश की लाइफ लाइन है, रूरल इंडिया का मन में विचार आना व नवाचार के साथ नए-नए स्टार्टअप तैयार करना बहुत ही सराहनीय कार्य है। आज जरूरत है ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के प्रमुख पहलू स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा व बिजली का सुगमता से प्राप्ति के साथ शहरी सुविधाएं गांव में प्राप्त हो, जैसे इंटरनेट का व्यापक सुगमता हो, ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त छात्र-छात्राओं में अंतर कम हो। समस्त बेसिक बातों के साथ खेती और कृषि की महत्ता हेतु जागरूकता की महती आवश्यकता है। ताकि खेती करने वाले गांव में रहने वाले की संख्या में बढ़ोतरी हो। डॉ. खरे ने स्टार्टअप प्रतिनिधियों के आईडिया एवं कार्यों की सराहना की व इस दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अनुपमा वर्मा एवं आभार प्रदर्शन डॉ. मोनी थॉमस द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती लवीना शर्मा पाल,व्यवसाय प्रबंधक, श्रीमती लक्ष्मी मनोज ठाकुर,सहप्रबंधक, दीपक पाल, हेमन्त राहगडाले, लोकेश पटेल, दीपक पटेल, जय वर्मा की उल्लेखनीय भूमिका रही।



