सांसारिक जीवन में आपसी सामंजस्य से आनंद ही आनंद: स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। संसार में निरंतर प्रगति के लिए प्रयास अति आवश्यक है। सुख दुःख सांसारिक जीवन में नियमानुसार आता जाता है । यदि आप श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो परिवार में आपसी सामंजस्य स्थापित करते हैं तो सुख समृद्धि के साथ आरोग्य की प्राप्ति होती है।श्रीकृष्ण रूक्मणी के मंगल आशीर्वाद से भक्ति के साथ सुख समृद्धि और मांगलिक कार्य पूर्ण होते हैं। उक्त उद्गार स्वामी अशोकानंद महाराज ने माघ मास के पुनीत पावन अवसर पर श्री मुख से घड़ी चौक, विजय नगर जबलपुर में श्रीमद्भागवत का महाराज जी ने व्यासपीठ से श्रीहरि के अवतारों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भागवत कथा श्रवण कराई। श्रीमद्भागवत कथा पुराण सप्ताह के षष्ठम दिवस चंद्रा परियानी, मुख्य यजमान अशोक मंजू परियानी, महेश भावना परियानी से श्रीमद्भागवत पुराण, व्यासपीठ का पूजन अर्चन आरती सी ए राजेश जैन, पार्षद प्रतिभा भापकर,पं वेदांत शर्मा, मेवालाल छिरौल्या, श्वेता सिंह, नुपुर, संजय शर्मा, विध्येश भापकर, जगदीश दीवान,आचार्य आशीष महाराज, पुष्पराज तिवारी , विजय पंजवानी, पार्थ, निखिल, जसिका, कविश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।



