1857 क्रांति के सूत्रधार शहीद सम्राट मातादीन डोम जयंती, बसपा ने सुदर्शन भवन प्रेम सागर में आयोजित की सभा

जबलपुर दर्पण। प्रेम सागर सुदर्शन समाज भवन में आज 1857 की क्रांति के सूत्रधार शहीद सम्राट मातादीन डोम जी की 196वीं जयंती के अवसर पर सभा का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में बसपा जिला महासचिव राकेश समुंदरे, वरिष्ठ नेता ओम समद ने बताया की शहीद मातादीन डोम एेसे क्रांतिकारी रहे हैं जिनकी बदौलत 1857 में क्रांति की आग पैदा हुई, अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध फौजी विद्रोह पर उतरे और अपने देश के लिए प्राण त्याग दिए, मातादीन पहले शहीद हैं जिनको शहीद मंगल पांडे के पहले 8 अप्रैल 1857 को फांसी हुई, जिसका मुकदमा मातादीन बनाम स्टेट के नाम से चला जिसके बाद फिर अन्य शहीदों को फांसी दी गई, बैरकपुर छावनी की गदर के इस देश भक्त का नाम इतिहास के पन्नों में दफन किया गया, जातिवादी मानसिकता के चलते ही देश आजाद होने के बाद से रही अब तक की सरकारों ने इनकी प्राणों की आहुति को सम्मान नहीं दिया,आज भी दबे कुचले पिछड़े समाज के हक अधिकारों से वंचित रखने की नियत से सरकारें काम कर रही हैं, लेकिन बहुजन नायक कांशीराम, बसपा के कार्यकर्ताओं द्वारा आज जगह जगह समाज के बीच जाकर उनकी वीर गाथा को बताया जा रहा है, और बसपा सरकार में आने पर इन गुमनाम वीरों को सम्मान सहित गरीब पिछड़े समाज के हित की नीतियों पर कार्य होंगे,आज मातादीन डोम की जयंती के अवसर पर आयोजित सभा में बालकिशन चौधरी, जिला अध्यक्ष एड लखन अहिरवार, डॉ सतपाल सिंह, ओम समद,राकेश चौधरी, लछमण समुंदरे, एस पी मलिक,जगदीश गौतेल, मुकेश गिरावकर, लछमन चौधरी, जानकी प्रसाद, जगदीश राधे,पापा सतयाल,गंगादीन चोहटेल,मुन्ना चौधरी, रवि चौधरी, सहित बसपा कार्यकर्ताओं उपस्थिति रही।



