संविधान में बाबा साहब ने सबको बराबर के अधिकार दिए : कांग्रेस

जबलपुर दर्पण। शहर कांग्रेस कमेटी ने तहसील चौक प्रतिमा स्थल पर संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की 66 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देकर मनाई।
शहर कांग्रेस नेता अध्यक्ष दिनेश यादव, सेवादल अध्यक्ष सतीश तिवारी, वरिष्ठ नेता झल्ले लाल जैन, राजेश सोनकर, ब्लॉक अध्यक्ष शिव कुमार चौबे, टीकाराम कोस्टा, चमन पासी, शिव कुमार सोनी, कीर्ति चौहान, भगत राम सिंह, इंदु सोनकर मनोज नामदेव, राजेश चौबे, राकेश रंबल विश्वकर्मा, शैलेश राठौर, जितेंद्र यादव, विश्वनाथ सोनी, सुशील जसेले, श्याम सोलंकी, विष्णु विनोदया, विजय गोरी, अनिल गुप्ता, आयुष अग्रवाल, गौरव नामदेव आदि ने अंबेडकर जी को याद कर बताया कि बाबा साहब के नाम से लोकप्रिय रहे हैं। भारतीय बहुज्ञ, विधिवेता अर्थशास्त्री राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक रहे उनके पास 32 डिग्रियां थी। 1990 में उन्हें भारत रत्न भारत सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरांत देश ने सम्मानित किया। उन्हें 9 भाषाओं की जानकारी थी। उनकी शिक्षा उच्च श्रेणी की थी। एक आम परिवार में जन्म लेने के बाद अनेक संकटों का सामना करने के बाद इतनी उच्च श्रेणी की शिक्षा प्राप्त करना कोई सामान्य बात नही है। जिस दौर में भारत में अनेक कुरीतिया, रूढ़िवादिता और समाज छूत अछूत जैसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त था। तब उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना कर उच्च शिक्षा प्राप्त की। जो हमारे लिए एक आदर्श है। उनकी इस विशेषता के कारण ही आजाद भारत के नेताओं ने उन पर विश्वास किया और उन्हें देश के संचालन के लिए संविधान बनाने की जवाबदारी सौंपी । जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। देश की भौगोलिक स्थितियां सामाजिक धार्मिक परंपराओं आस्थाओ से बखूबी चिर परिचित थे। जन जन की भावनाओं से अवगत थे। हर वर्ग से ही नहीं प्रत्येक व्यक्ति को उसके जीने की स्वतंत्रता के अधिकारों को ध्यान रखकर एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो सारी दुनिया में मशहूर है। वर्तमान में किसान आंदोलन की सफलता यह प्रमाणित करती है कि इस देश में पावरफुल सब है और फुल पावर कोई नहीं । बहुमत प्राप्त सरकारें भी अपनी मनमानी नहीं कर सकती । जनता के पास उसके अपनी स्वतंत्रता के अधिकार संरक्षित हैं । ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी को उनकी पुण्यतिथि पर कांग्रेस जनों ने 2 मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया।



