किसान का जुगाड़

दस दिन में बना डाली बैटरी से चलने वाली साइकिल
जबलपुर दर्पण पन्ना। इंसान की जिंदगी का हर पल इम्तिहानों से भरा होता है। कदम-कदम पर कठिनाईयों का सामना भी करना पड़ता है। लेकिन हौसला बुलंद हो और कुछ करने का जज्बा हो तो मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मध्यप्रदेश के सबसे पिछडे़ जिले पन्ना के किसान ज्योति दास पटेल ने. जिन्होंने बढ़ती पेट्रोल की कीमतो को देखते हुए खुद ही अपनी साइकिल को बैटरी से चलने वाली मोटरसाइकिल में तबदील कर लिया. उसकी मोटरसाईकिल पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
मोटरसाइकिल जैसी हर सुविधा मौजूद
किसान ज्योति दास पटेल अनोखी साइकिल पर जब अपनी पत्नी को घुमाने के लिए निकलते हैं तो लोगों की नजर उन पर से हटती नहीं है. साईकिल को चलाने के लिये पैडल नहीं मारने पड़ता, क्योंकि यह बैटरी से चलती है. अनोखी साइकिल को ज्योति दास पटेल ने खुद बनाई है. इसमें आज की माॅर्डन मोटरसाइकिल जैसी हर सुविधा मौजूद है. इसे चलाने के लिये पेट्रोल की भी जरूरत नही पड़ती।
10 दिन लगे इलेक्ट्रॉनिक साइकिल बनाने में
ज्योति दास का खेत उनके घर से 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर है. उन्हें बाइक से रोजाना कई बार घर से खेत और खेत से घर आना पड़ता था जिससे पेट्रोल भी काफी खर्च होता था. जिसके बाद उन्होंने साइकिल से खेत पर जाना शुरू किया. लेकिन साइकिल में पेट्रोल के पैसे तो बच जाते थे पर मेहतन और समय काफी लगता था. फिर उनके मन में आया कि क्यों न साइकिल को बैटरी से चलने वाली साइकिल में तबदील कर दिया जाये. 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद इलेक्ट्रॉनिक साइकिल बना लिया।
गरीब रथ रखा साइकिल का नाम
ज्योति दास पटेल का कहना है कि साइकिल का नाम उन्होंने गरीब रथ रखा है. इसमें उन्होंने सारा सिस्टम बैटरी से सेट किया है. जो एक बार चार्ज करने पर करीब 30 से 32 किलोमीटर तक चलती है. इसमें लाईट भी लगाई हुई है जिससे रात में भी आने-जाने में कोई समस्या नहीं होती है। उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मदद करे तो वह इस साइकिल को और भी सुविधा युक्त बना सकते हैं ताकि समय और पैसा दोनों बच सके।



