जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई बैठक, कलेक्टर ने दिए अहम निर्देश

जबलपुर दर्पण। कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुये स्वास्थ्य से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ तय समय पर हितग्राहियों तक पहुँचाने के निर्देश दिये हैं। आज सोमवार को समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में कमियाँ बताकर जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी प्रसव सहायता योजनाओं का लाभ पहुंचाने में बिलंब स्वीकार नहीं किया जा सकता। सीएम हेल्पलाइन की 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का निराकरण को प्राथनिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने शासकीय स्कूलों के विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षकों पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश देते हुये कहा कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को भी शीघ्र दूर किया जाये। स्कूलों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षकों को बाद में अवकाश स्वीकृत करने वाले प्रधानध्यापकों अथवा प्राचार्यों के खिलाफ भी कार्यवाही करने की हिदायत दी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक को भी स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने तथा शिक्षकों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक से साफ शब्दों में कहा कि लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को दिये गये प्रत्येक कारण बताओ नोटिस को गम्भीरता से लेना होगा और कार्यवाही को लॉजिकल अंत तक पहुँचाना होगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को बचाने की नियत से की जाने वाली की गईकार्यवाही जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्र की ऐसे सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिये जहां बाउंड्रीबाल नहीं है। शालाओं में मनरेगा के तहत बाउंड्रीबाल बनाने के प्रस्ताव तैयार किये जायें। ने स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढाने प्रत्येक शनिवार को बाल सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों हो। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों को एडमिशन देने में बहानेबाजी या बिलंब करने वाली निजी शालाओं पर कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये है। एडमिशन देने में बिलंब करने वाले निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाये, इसके बाद भी यदि किसी के रवैये में सुधार नहीं आता है तो मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही के साथ-साथ उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही कार्यवाही जाये। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने गरीब परिवारों के बच्चो को एडमिशन देने वाले निजी स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति समय पर करने की हिदायत भी दी है। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति में बिलंब शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्यवाही का कारण भी बन सकती है। बैठक में जिला पंचायत की सीईओ डॉ सलोनी सिडाना, अपर कलेक्टर राजेश बाथम, अपर कलेक्टर शेर सिंह मीणा एवं अपर कलेक्टर सुश्री विमलेश सिंह भी मौजूद थी।

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