आओ मनाएं अपना नव वर्ष, गायत्री परिवार दे रहा संदेश

जबलपुर दर्पण। भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य शादी विवाह संस्कार, गृह प्रवेश आदि को करने के पूर्व पंचांग देखा जाता है। ऋ षि.मुनियों ने पंचांग का प्रारंभ चैत्र शुक्ल नवरात्रि के प्रथम दिवस प्रतिपदा से ही माना है। इसी दिन से हिंदुओं का नव वर्ष प्रारंभ माना गया है , लेकिन कुछ समय से अपनी संस्कृति को छोड़कर पश्चिमी संस्कृति को अपनाते हुए हैप्पी न्यू ईयर करने लगे हैं। अब समय आ गया है जागरूक होकर अपनी वैदिक, सनातन एवं भारतीय संस्कृति को अपनाने का, इस शुभ अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा समस्त देशवासियों से यह अनुरोध किया गया है कि मां दुर्गा के इस शक्ति पर्व नवरात्रि के प्रथम दिवस को प्रत्येक हिंदू परिवार धूमधाम से मनाए।
घर के बाहर पीले या भगवा रंग का झंडा लगाएं, मुख्य द्वार पर वंदनवार, रंगोली सजाएं, सायंकाल 5 दीपक जलाकर भगवान से नववर्ष मंगलमय होने की कामना करें एवं अपने मित्रों को नववर्ष का संदेश दे तथा छोटी.छोटी प्रभात फेरी निकाल कर सभी से नववर्ष मनाने का अनुरोध किया जाए। संस्कारधानी में स्थित गायत्री शक्तिपीठ, मनमोहन नगर द्वारा सभी देवालयों में प्रात: सामूहिक यज्ञ करने का अनुरोध भी किया गया है, इस अभियान को व्यापक बनाने गायत्री परिजन घर.घर संपर्क कर रहे हैं, स्कूल कॉलेजों में सेमिनार के माध्यम से भारतीय नववर्ष मनाने युवा भाई बहनों से निवेदन किया जा रहा है, गायत्री शक्तिपीठ से उपजोन प्रभारी डॉ एम पी गुप्ता, उपजोन समन्वयक नरेश तिवारी, प्रकाश मूरजानी, कमल राय, प्रकाश सेन, रमेश पटेल, मनोज सेन द्वारा सामाजिक संगठनों से अभियान को जन जन का अभियान मनाने अपील की गई है।



