प्राकृतिक खेती को मिलेगी नई दिशा

जबलपुर दर्पण। जवाहलाल नेहरू कृशि विष्वविद्यालय में जर्मन सरकार वित्त पोषित जी. आई. जेड. नई दिल्ली के अधिकारियों के दल का आगमन हुआ। दल के सदस्यों ने विष्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन से मुलाकात की, साथ ही वर्तमान में चल रहे जर्मन सरकार की वित्त पोषित परियोजना ‘‘प्रोस्वाईल’’ को और बेहतर बनाने पर गहन मंथन हुआ। जी. आई. जेड. परियोजना के नोडल अधिकारी डाॅ. अनय रावत ने बताया कि वर्तमान में जी. आई. जेड. के अन्तर्गत नाईस कृषि ऐप का संचालन दो जिलों मण्डला एवं बालाघाट में किया जा रहा है। इस ऐप का उपयोग ‘‘मैनेज’’ हैदराबाद के सहयोग से किसानों को कृषि तकनीकी हस्तान्तरण में किया जा रहा है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. बिसेन के साथ आयोजित बैठक में नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं आपसी सहयोग पर गहन चर्चा की गई। प्रथम चरण के आशातीत परिणाम मिलने से यह डिजीटल सेवा विश्वविद्यालय द्वारा पूर्ण रूप से अंगीकृत किया जा रहा है। इसके लिये आवश्यक उपकरण एवं संसाधन जर्मन सरकार के सहयोग से विश्वविद्यालय को आगामी दिनों में प्रदान किये जायेंगे। भ्रमण दल में नई दिल्ली से परियोजना प्रमुख राजीव कुमार, प्रदेश प्रभारी अविनाश आलोक, तकनीकी प्रभारी नवीन होरो, हिमांशु एवं डाॅ इन्द्रनील ने परियोजना ईकाई स्थापना हेतु संचालक विस्तार सेवाओं के साथ भ्रमण किया। संचालक विस्तार सेवायें डाॅ दिनकर शर्मा ने डिजीटल ऐप को कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से कृषकों तक पहुंचाने हेतु विस्तृत कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की।



