युवा शक्ति को सिर्फ सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए बालपन से घर पर ही शिक्षित करना चाहिए। युवा पीढी को नव निर्माण और विकृत सामाजिक कुरूतियो के प्रति जागरूक करने की आवश्यक है। युवाओ को श्रीकृष्ण बलराम से शिक्षा लेकर समाज का नेतृत्व करना चाहिए, जिससे आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक गतिविधियो मे विगत समय से चली आ रही परापंराओ का परिवर्तन हो सके। भगवान श्रीकृष्ण और बाल गोपाल ने गोवर्धन पूजन के माध्यम से संगठित होकर बहुत ही सुंदर संदेश दिया है।
श्रीकृष्ण ने प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया, प्रकृति के दोहन के साथ संरक्षित करना अति आवश्यक है।
उक्त भावुकतापूर्ण उदगार नर्मदा तट भक्तिधाम ग्वारीघाट जबलपुर मे श्रीहरि नारायण के अवतारो के परम पुनीत वैशाख मास के अवसर पर प्रख्यात कथावाचक परम पूज्य स्वामी श्री अशोकानंद जी महाराज ने श्रीमुख से कहे।



