शासकीय औद्योगिक क्षेत्रों में नगर निगम संपत्तिकर के नोटिस पर बैठक आजः महाकोशल चेंबर में आयोजित

जबलपुर दर्पण। शासकीय औद्योगिक क्षेत्र अधारताल एवं रिछाई में कार्यरत उद्योगों पर नगर निगम जबलपुर द्वारा सम्पत्ति कर के जारी किया गए नोटिसों से उत्पन्न आक्रोश एवं असंतोष के मद्दे नजर एक बैठक महाकोशल चेम्बर में आज शाम 05:00 बजे इस असंगत संपत्तिकर पर विचार एवं भविष्य की कार्यवाही पर विचार हेतू आमंत्रित की गई है | चेम्बर प्रवक्ता हेमराज अग्रवाल द्वारा जानकारी दी गई कि विगत में संपत्तिकर के विषय पर विधायक अशोक रोहाणी के सानिध्य में एक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें चेम्बर द्वारा बिन्दुवार संपत्ति कर पर अपना पक्ष रखते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई थी | शासकीय औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित उद्योग संपत्ति के मात्र उपयोगकर्ता है संपति का स्वामी उद्योग विभाग है | अधिनियमानुसार शासकीय दस्तावेजों में भी संपत्ति संपत्ति स्वामी उद्योग विभाग दर्ज है | संपत्तिकर संपत्ति के स्वामी पर लगाया जाता है | उपयोगकर्ता अधिभोगी उद्योगों पर संपत्तिकर का दायित्व असंगत है | इस विषय में अनेक वर्षों से नगर निगम एवं चेम्बर के मध्य चर्चा होने के उपरांत नगर निगम द्वारा भी शासकीय औद्योगिक क्षेत्रों को अधिभोगी मान्य किया गया है परंतु उन पर संपत्ति स्वामी द्वारा दिए जाने वाले संपत्तिकर का दायित्व असंवैधानिक है | नगर निगम द्वारा मुख्यालय से मांगे गए मार्गदर्शन की प्रत्याशा में संपत्तिकर वसूली की कार्यवाही रोकी गई है परंतु पुनः जारी किए जाने वाले नोटिसों से उत्पन्न आन्दोलन की स्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता | चेम्बर द्वारा औद्योगिक शान्ति यथावत बनाने के प्रयास में बैठक आमंत्रित किया गया है | चेम्बर अध्यक्ष रवि गुप्ता, राजेश चंडोक, हेमराज अग्रवाल, शंकर नाग्देव, युवराज गढ़ावाल, अखिल मिश्र, अनूप अग्रवाल, अनूप जैन ‘पाली’ ने सभी संबंधित उद्योगपतियों से बैठक में उपस्थिती की अपील की है |



