परमात्मा केवल भक्तो को मिलते है: जगद्गुरु घनश्यामाचार्य महाराज

जबलपुर दर्पण। भक्तों को सुख प्रदान करने के लिए भगवान का अवतार होता है जो परमात्मा योगियों को भी दुर्लभ है बड़े बड़े विद्वान जिन श्री हरि की महिमा का वर्णन नहीं कर सकते वही परमात्मा अपने प्रेमियों के वश में होकर वृन्दावन के कुंज गलियों में नृत्य कर रहे हैं पूज्य महाराज श्री ने बताया कि हमें आवश्यकता है ध्रुव प्रह्लाद बनने की भगवान के नियम में बदलाव नहीं हो सकता परमात्मा तो अपने नियम में अटल हैं परन्तु आज विषय की भौतिकता की आंधी में वह श्री हरि हमारे हृदय से कहीं दूर चले गए हैं हमें भी मीरा की तरह शबरी की तरह अनन्याश्रय शरणागति को ग्रहण करके अपने हृदय को प्रभु के प्रेम रूपी रस से सराबोर करने की आवश्यकता है उक्त सदुपदेश ग्राम धमनी पाटन जबलपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण सप्ताह कथा में व्यास पीठ पर विराजमान अलोपीबाग प्रयागराज से पधारे परमपूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज ने चतुर्थ दिवस की कथा में भगवान श्री कृष्णचन्द्र जी के जन्मोत्सव प्रसंग का वर्णन करते हुए कहे। कथा में विशिष्ट अतिथि के रूप में अनंतश्री बिभूषित परम पूज्य नृसिंह पीठाधीश्वर महामंण्डलेश्वर डॉ श्री स्वामी नृसिंहदास महाराज गीताधाम जबलपुर का शुभागमन हुआ , पं शारदा पाण्डेय सहित समस्त ग्राम वासियों के द्वारा पूज्य नृसिंह पीठाधीश्वर महाराज का भव्य स्वागत किया गया पूज्य महाराज श्री ने अपनेआशीर्वचन से अभिसिंचित करते हुए समस्त क्षेत्र के लिए मंगलानुशासन प्रदान किए ।
आज की कथा में मुख्य रूप से कामता प्रसाद पाण्डेय दिलीप पाण्डेय अनुज पाण्डेय अतुल पाण्डेय सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे ।



