जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जिसका सारा संसार मित्र वो सबसे बडा धनवान : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। श्रीकृष्ण के आठ विवाह संसार के संचालन के अष्ट काल है जिससे नारायण संसार का पालन करते है। भगवान के मन मे कोई भेद नही होता। जीवन मे कर्मो से जीव धन वैभव ऐश्वर्य से छोटे बडे बनते है। संसार मे जन्म लेते ही मृत्यु का दिन निश्चित हो जाता है, जितना समय सत्संग हरिनाम संकीर्तन मे लगता वह समय ही जीवन मे सदुपयोगी है। मित्र ही आपसी सहयोग से मित्रो के सुख दुख बाटते है। मित्रता से बडा कोई धन नही होता जिसका संसार से मित्रतापूर्ण व्यवहार वह सबसे बडा धनवान है। श्रीकृष्ण श्रीहरि का प्रेमावतार है , जिसको दर्शन हो जाते है माया -मोह -ममता लोभ सब छूट जाता है और व्दारकाधीश के दीवाने हो जाते है।
दैनिक दिनचर्या मे माता पिता गुरू पूजन के साथ नित्य हरिनाम स्मरण और दान करने से सभी भौतिक दुःख समाप्त हो जाते है। जब दान देने की प्रवृति होगी तो राष्ट्र निर्माण के लिए प्राणोत्सर्ग भी कर पायेगे नही तो सिर्फ स्वंय के सुख की चिंता करेगे।उक्त भावुकतापूर्ण उदगार नर्मदा तट भक्तिधाम ग्वारीघाट जबलपुर मे प्रख्यात कथावाचक, प्रेम मूर्ति परम पूज्य स्वामी अशोकानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण व्दिव्य महोत्सव के सप्तम दिवस श्रीकृष्ण सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, सदुपदेश की कथा विराम पर
कहे। श्रीमद्भागवत महापुराण महोत्सव मे विराम दिवस पर कृष्ण सुदामा चरित्र, पूर्णाहुति, भंडारा भक्तिधाम ग्वारीघाट जबलपुर मे संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वामी विश्वक सेनाचार्य महाराज,पं वेदांत शर्मा, आचार्य रामफल शास्त्री, नगिन रामदास पाटिल, जगदीश दीवान, करिश्मा शर्मा, सौ बेबी बाई पाटिल , सौ प्रीति सचिन पाटिल,स्पंदन,स्पृहा , डा राकेश, डा भूषन पाटिल, सौ रागिनी, मिहान, जया लालवानी, पप्पू लालवानी, विध्येश भापकर, हीरा शर्मा, नरेंद्र केशवानी, विजय पंजवानी, आनंद दीवान, प्रिंस, उमेश पारवानी, बलराम, मौर्य, पार्थ शर्मा
सहित भक्तिधाम ग्वारीघाट भक्त मंडल , संस्कारधानी जबलपुर के भाविक श्रृध्दालुओ की बडी संख्या मे उपस्थिति रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88