जिले में 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’

कटनी जबलपुर दर्पण । युवाओं, विद्यार्थियों और आमजन को मद्यपान, नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराने तथा नशा सेवन की रोकथाम हेतु व्यापक जन-जागरूकता एवं चेतना का निर्माण करने के उद्देश्य से महात्मा गांधी की 156वीं जयंती पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जिले में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक ‘मद्य निषेध सप्ताह’ का आयोजन किया जाएगा।
सप्ताह भर आयोजित होंगे कार्यक्रम
कलेक्टर श्री तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार 2 अक्टूबर को नशामुक्ति के लिए जनजागृति रैली और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही नशामुक्ति हेतु पोस्टर, फोटो एवं चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और सभी जनसमूह को विशेष वेब लिंक के माध्यम से ई-प्लेज (शपथ) दिलाई जाएगी।
इसी प्रकार 3 अक्टूबर को स्थानीय विद्यालयों में नशामुक्ति विषयक प्रतियोगितायें, प्रश्न मंच, संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। तथा नशा पीड़ितों के उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और नशामुक्ति केन्द्रों में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं संक्रामक रोगों (एड्स, टी.बी., हेपेटाइटिस) की स्क्रीनिंग की जाएगी।
जबकि 4 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में नशामुक्त ग्राम बनाने संबंधी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे एवं नशाबंदी साहित्य, पोस्टर, पैम्पलेट आदि सामग्री का वितरण किया जाएगा। वहीं 5 अक्टूबर को ग्राम एवं नगरीय स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर नशामुक्ति के संदेशों और लघु फिल्मों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इसी प्रकार 6 अक्टूबर को समस्त महिला स्व-सहायता समूहों और शौर्य दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश प्रसार अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 7 अक्टूबर को ग्राम एवं शहरी स्तर पर मास्टर वॉलंटियर के माध्यम से समस्त स्कूलों/कॉलेजों में ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी।
इसके अलावा मद्य सप्ताह के समापन पर 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम के साथ होगा। इस दौरान नशामुक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम नाटक, नृत्य एवं गीत संगीत आयोजित किए जाएंगे और प्रतिभागियों को पुरस्कारों का वितरण एवं सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे अशासकीय संस्थाओं जैसे ब्रम्हकुमारीज, गायत्री शक्तिपीठ, स्व-सहायता समूह और जिले में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करें और इसका विस्तृत प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ कार्यालय को उपलब्ध कराएं।



