भगवान बिरसा मुंडा की126 वाँ बलिदान दिवस पर पुष्पांजलि

जबलपुर दर्पण । स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं जयंती पर गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ द्वारा एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह की प्रतिमा स्थल गोंडवाना चौक पर आयोजित किया गया। जहां आदिवासियों के समुदाय के लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा को याद कर उनके संघर्षों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ के सदस्यों और सहयोगियों ने भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर भावभीनी पुष्पांजलि की अर्पित की। वही इस संस्था के जिला अध्यक्ष नेमसिंह मरकाम ने बिरसा मुंडा के जीवन के पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा आदिवासियों के लिए किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से सभी को संबोधित किया। कि किस तरह उन्होंने जनजातीय अधिकार के खिलाफ संघर्ष किया और ब्रिटिश हुकूमत के उनके ऐतिहासिक विद्रोह (उलगुलान) को याद किया। उन्होंने बताया किआदिवासियों की रक्षा के लिए बहुत कम उम्र में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। लेकिन उन कम सालों में भी उन्होंने जो संघर्ष किया, वही परिणाम है कि आज 126 साल बाद भी हम उन्हें याद कर रहे हैं। हम पूरे जनजातीय समाज से यही अपील करना चाहते हैं कि हम सभी उनके द्वारा के रास्ते पर चलें। वर्तमान सरकार के सामने एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और अपनी विशिष्ट संस्कृति व सभ्यता की पहचान को जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयास करें।’ वहीं संघ के जिला सचिव गया प्रसाद धुर्वे ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय समाज ने एक बार फिर से एकजुटता का संदेश दिया है और अपनी संस्कृति एवं अधिकार की रक्षा के लिए भगवान बिरसा मुंडा के सिद्धांतों पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ जबलपुर के जिला अध्यक्ष नेमसिंह मरकाम और गया प्रसाद धुर्वे जिला सचिव के नेतृत्व में आयोजित किया गया। जहां सभी आदिवासी साथियों ने भगवान बिरसा मुंडा को अपनी पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नेमसिंह मरकाम , जिला सचिव गया प्रसाद धुर्वे , शरमन रजक आकाश, उत्तम सिंह ताराम, अजय झरिया के साथ सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।



