ब्रम्हाकुमारी लक्ष्मी दीदी राजयोग मेडिटेशन केंद्र में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की रही धूम ।।

उमरिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजयोग मेडिटेशन केंद्र ब्रम्हाकुमारी आश्रम शान्ति मार्ग में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर बड़े धूम धाम के साथ मनाया गया।केंद्र प्रभारी राजयोगनी ब्रम्हाकुमारी लक्ष्मी दीदी ने प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री कृष्ण का चरित्र कर्म योगी बनने की प्रेरणा देता है, श्री कृष्ण का जीवन एक कुशल साधक और कर्म योगी का साधक हैं कर्म योगी का जीवन है श्री कृष्ण का इतना महान जीवन गीता ज्ञान द्वारा ही बना है यह ज्ञान पुरूषोत्तम संगम युग पर परमपिता परमात्मा शिव बाबा पिता श्री ब्रह्मा के श्री मुख से अभी सुना रहे हैं कोई भी मनुष्य विषय विकारों का त्याग करके गीता ज्ञान की धारणा द्वारा श्री कृष्ण की दुनिया में चलने की पात्रता धारण कर सकते हैं।दीदी जी ने बताया कि श्री कृष्ण के चरित्र का विशिष्ट गुण सम्पूर्ण पवित्रता हैं।और पवित्रता ही सुख शांति और संबृद्धि का आधार पर इस लिये श्री कृष्ण के समान बनने के लिए हमे पवित्र और योगी बनने की आवश्यकता है।श्री कृष्ण जन्माष्टमी महा पर्व पर श्री कृष्ण की भव्य झाँकी लगाई गई जिसमें श्री कृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल को श्रद्धालु भक्त जनों ने झूले में झुला कर आशिर्वाद प्राप्त किया व उनके बड़े रूप श्री कृष्ण और राधा के मनमोहक छवी को अपलक ही निहारते रहे । श्री कृष्ण ने अपनी सोलह कलाओं से जन मानस को मंत्र मुग्ध करते रहे श्री कृष्ण को सम्पूर्ण निर्विकारी कहा जाता हैं, रात्रि लगभग11:बज.45:मिनिट पर सतयुग के श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्म दिन के रूप में मनाया गया जिसमें मुख्य रूप से बी ,के जिया बहन बी ,के आरती बहन बी, के अंजली बहन बी के रामरती ,बी ,के श्यामवती,बी के भ्राता एस ,कुमार उपस्थित रहे।



