मेट्रो बस ड्राईवर से प्राईवेट बस ऑपरेटर रोजाना कर रहे विवाद:मेट्रो बस यात्री प्रशासन से लगा रहे गुहार,जल्द सुलझे पाटन मेट्रो विवाद

जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। जिले की पाटन तहशील में मेट्रो बस सेवा शुरू होने से निश्चित ही इसका लाभ मिडिल क्लास एवं गरीब मजदूरो को मिल रहा है। इसके लिए नगर परिषद पाटन बधाई के पात्र हैं। मेट्रो बस स्टाप के लिए पाटन नगर परिषद क्षेत्र में जगह का चयन करके मेट्रो स्टैण्ड बनाना चाहिए जिससे मेट्रो बस अपने स्टैण्ड पर ही रुके जिससे मेट्रो बस यात्री को इधर उधर भटकना न पड़े।
प्राईवेट बस ऑपरेटर एवं मेट्रो बस विवाद :- प्राइवेट बस ऑपरेटर जहां पाटन से जबलपुर का किराया 50 रूपये वसूलते है वही मेट्रो बस का किराया 20 रूपये प्रति यात्री है। इसके साथ ही जरूरत मंद व्यक्ति जिनको रोजाना जबलपुर पाटन की यात्रा करनी पड़ती है वह अपना 600 रूपये में कार्ड बनवा कर मंथली 100 यात्रा मेट्रो बस से कर सकते है इसके साथ ही यह कार्ड पूरे मध्यप्रदेश में चलेगा कार्ड धारक पूरे मध्यप्रदेश में इस कार्ड से यात्रा कर सकता है। चुकी मेट्रो बस का किराया बेहद कम है जिसके कारण पाटन से जबलपुर की ओर यात्रा करने वाले लोग मेट्रो बस से ही यात्रा करना पसंद करते है। पाटन के लोकल बस ऑपरेटर के एजेंटो को यह बात हजम नही हो रही है। मेट्रो बस के कारण प्राइवेट बस में लोग यात्रा करने से बचते है। जिसके कारण इनको भारी नुकसान हो रहा है। इसी वजह से प्राइवेट बस ऑपरेटर के बुकिंग एजेंट मेट्रो बस चालक परिचालक से आय दिन वाद विवाद कर गाली गलौज के साथ मारपीट भी कर देते है। अब तो सीधे मेट्रो चालक परिचालक को जान से खत्म एवं मेट्रो बस में आग लगाने की धमकी दे रहे है। इनका कहर मेट्रो बस में बैठी सवारी को भी झेलना पड़ता है। प्राईवेट बस ऑपरेटर के एजेंट मेट्रो बस में बैठी सवारी को जबरजस्ती अपनी बस में बैठा लेते है। इनकी गुंडागर्दी इतनी है कि मेट्रो बस पाटन चौराहे से ही जबलपुर वापिस करा देते है।
पाटन पुलिस का उदासीन रवैया :- मेट्रो बस को लेकर पाटन पुलिस का रवैया भी ढुलमुल नजर आता है। उसकी प्रमुख वजह पाटन नगर से गुजरने वाली बसों से हफ्ता वसूली है। प्राइवेट बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठा कर थाने के सामने से बस निकल रही है। साथ ही जिस नंबर की बस पर परमिट लिया गया है उस रजि की बस की जगह अन्य बसे बेधड़क होकर रोड पर दौड़ा रहे है। कुछ बस मालिक अपनी राजनीति पकड़ के चलते अपनी बसों में मिट्टी के तेल से बस चला रहे है। जिनकी जांच करने में प्रशासन और पुलिस को पसीने छूट रहे है। पाटन बस स्टेंड से गुजरने वाली प्राय: सभी बसों से हफ्ता वसूली के कारण पाटन पुलिस प्राईवेट ऑपरेटर के फेवर में बात करते दिख जाएंगे, शायद पाटन पुलिस भी यही चाहती है मेट्रो बस सेवा जल्द से जल्द बंद हो जाय जिससे इनके मित्रों को घाटा न हो और पुलिस की बसों से हप्ता वसूली ऐसे ही निरंतर चलती रहे।
मेट्रो बस गरीब मजदूर के लिए वरदान :- मेट्रो बस से सबसे ज्यादा गरीब मजदूर जो रोजी रोटी की तलाश में जबलपुर पाटन की रोजाना यात्रा करते है उनके लिए मेट्रो बस सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। शासकीय कार्यालय के कर्मचारी, टीचर एवं अन्य आमजन भी मेट्रो बस सेवा का लाभ ले रहे है, इन सभी के सामने आय दिन विवाद होते रहते है। प्रशासन को आगे आकर गरीब मजदूर के हितो को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द प्राईवेट बस ऑपरेटर एवं मेट्रो बस ऑपरेटर के बीच चल रहे विवाद को प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में सुलझाना चाहिए जिससे पाटन क्षेत्र के लोगों को मेट्रो बस सेवा का लाभ निरंतर मिल सके।



