सांसद राकेश सिंह की पत्रकार वार्ता संपन्न

जबलपुर दर्पण। किसी भी शहर के विस्तार के साथ यह आवश्यक होता है उसके व्यवस्थित विकास की रचना करना और यदि शहर के विस्तार के साथ विकास की व्यवस्थित रचना न की जाए तो शहर हमेशा अस्त व्यस्त रहता है और इसीलिए कई शहर हमें काफी बड़ें होने के बाद भी अस्त व्यस्त दिखाई देते हैं।
मेरी प्रारम्भ से ही कल्पना थी कि शहर के व्यवस्थित विकास की रचना और तैयारी होना चाहिए और यह तैयारी आगामी 25 वर्षो की हो और जबलपुर की बढ़ती आबादी के कारण होने वाले यातायात के दबाब को कम करने के साथ साथ जबलपुर के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यकता थी कि इसके चारों ओर एक बड़ी रिंग रोड बने और इसके लिए प्रयास प्रारम्भ किये और मेरे आग्रह पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी स्वीकृति दी।
जबलपुर के विस्तार और फैलाव के समय हमें सोचना पड़ता था कि अब किस दिशा में शहर का विकास होगा पर इस 112 किमी लंबी रिंग रोड की कल्पना के साकार होने के बाद हम विश्वास से कह सकते है कि अब शहर के चारो ओर व्यवस्थित विकास की असीम संभावनाएं होंगी और शहर तेजी से आगे बढ़ेगा।
केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने जबलपुर में अल्प प्रवास के दौरान सांसद निवास पर जबलपुर में बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर, रिंग रोड, जबलपुर – अमरकंटक रोड की राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग की थी, जिसके फलस्वरूप श्री गड़करी द्वारा तत्काल सभी मांगों की सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्रदान की गई थी।
जबलपुर में बनने वाली यह रिंग रोड प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड होगी और जैसा कि हमारी सोच रही कि किसी भी शहर के विकास के लिए जो योजना बने वह आने वाले 50 सालों कों दृष्टिगत रखते हुए बने ताकि लम्बे समय तक लोगों को सुविधा मिल सके और प्रदेश की बनने वाली सबसे बड़ी इस रिंग रोड को भी आने वाले 50 सालों को दृष्टिगत रखते हुयें बनाया जाएगा।
इसके बनने के बाद जबलपुर शहर में आवश्यक यातायात के बोझ को कम किया जा सकेगा साथ ही जबलपुर लॉजिस्टिक हब के सपने को शीघ्र अमलीजामा पहनाने का कार्य किया जायेगा।
लगातार प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश की सबसे बड़ी 112 किमी रिंग रोड की सैद्धांतिक स्वीकृति तो पूर्व में हो चुकी थी किंतु बड़ी परियोजना होने के कारण मेरे द्वारा केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री गड़करी को इस परियोजना को भारतमाला परियोजना में शामिल करने का आग्रह किया गया था। जिसके फलस्वरूप सड़क परिवहन मंत्री के द्वारा मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी प्रस्तावित रिंग रोड को भारतमाला परियोजना में शामिल कर लिया गया।
हैदराबाद जैसे महानगर जिसकी आबादी 1 करोड़ 75 लाख के लगभग है उसके चारों ओर बनी रिंग रोड 126 किमी लंबी है और हमारे जबलपुर की आबादी जो लगभग 15 लाख है इसके चारों ओर बनने वाली रिंग रोड 112 किमी लंबी बनना यह राजनैतिक इक्षाशक्ति का परिणाम है।
जबलपुर शहर अपने सभी दिशाओं में राष्ट्रीय राजमार्गो से घिरा हुआ हैं, एवं 6 राष्ट्रीय राजमार्ग जबलपुर शहर में आकर मिलते हैं। प्रस्तावित 112 किमी. लम्बाई की बाहरी रिंगरोड इन सभी राष्ट्रीय राजमार्गो को इंटर कनेक्टिीविटी प्रदान करते हुये, जबलपुर शहर के अंदर भारी वाहनों के दबाव को कम करेगी एवं सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी लायेगी।
उक्त रिंगरोड़़ की लम्बाई, भारत के अधिकांष शहरों की अपेक्षा सर्वाधिक हैं, जिससे कि जबलपुर शहर को आने वाले 50 वर्षो तक विकास की नयी उचाईयॉ प्राप्त करने में गति प्राप्त होगी, ओैर जबलपुर शहर अपने चारों ओर स्थित 6 राष्ट्रीय राजमार्गो के कारण अपने विकास को बिना किसी व्यवधान, पर्यावरण की सुरक्षा, यातायात की सुरक्षा के साथ, नये सोपान को प्राप्त कर सकेगा, जो कि महाकौशल क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
प्रस्तावित परियोजना लगभग 3 हजार करोड़ की लागत से निर्मित की जाएंगी एवं परियोजना निर्माण के लिये लगभग 550 हेक्टेयर. भूमि का अर्जन, लगभग 250 करोड़ की लागत से किया जाएगा।
उक्त प्रस्तावित रिंगरो़ड़ का निर्माण चार लेन अनुसार किया जाएगा एवं सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये, प्रस्तावित रिंगरोड़ एक्ससेस कंट्रोल पद्धति के आधार पर निर्मित की जाएगी।
इसके दोनों ओर, दो लेन चौड़ी सर्विस रोड़ निर्मित की जाएगी। परियोजना के अंतर्गत 8 बड़े पुल, 38 छोटेपुल, 264 छोटी पुलियों, 3 आर.ओ.बी, 1 वैडक्ट, 7 फ्लाईओवर, 1 ओवरपास, तथा 30 अंडरपास, निर्मित किया जाना प्रस्तावित हैं।
परियोजना के अंतर्गत, पर्यावरण संरक्षण हेतु सड़क के मध्य और किनारों पर 2 लाख पौधे लगाये जाएंगे, भू-जल के संधारण के लिये 448 वर्षा जल संग्रहण प्रणाली लगाई जाएंगी।
रिंगरोड को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ क्लोज्ड टोलिंग की पद्धति पर निर्मित किया जाएगा एवं यातायात की निगरानी हेतु पूर्ण मार्ग पर, कैमरे आदि के प्रावधान किये गये हैं।
परियोजना के अंतर्गत शहर के सभी मुख्य राजमार्गो के वेसाइड एमेनिटीज के प्रावधान किये गये हैं।
परियोजना के अंतर्गत, जबलपुर की पहचान भेड़ाघाट एवं धुआधार जलप्रपात की डारेक्ट कनेक्टिविटी हेतु 2.7 किमी. की दो लेन चौडी सड़क भी निर्माण हेत प्रस्तावित हैं।
रीवा-सतना-मण्डला-कटनी से आने वाले यात्रियों को शहर के भीतरी यातायात से निजात दिलाने हेतु, रिंगरोड़ से एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिविटी भी परियोजना में शामिल की गई हैं।
नर्मदा नदी, जो कि जबलपुर शहरवासियों के लिये मातुल्य हैं, और नर्मदा नदी पर पर प्रस्तावित दोनों ही पुलों को स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नोलॉजी के तहत् आइकॉनिक ब्रिज के रूप में प्रस्तावित किया गया हैं यह तकनीक और सुंदरता की मिसाल होंगे साथ ही भेड़ाघाट के समीप बनने वाले पुल पर, होटल एवं रोपवे का प्रावधान भी किया गया है जो आधुनिक स्वरूप में सामने आएगा जिससे कि भेड़ाघाट घुमने आने वाले पर्यटकों को एक अलग प्रकार के अनुभव की अनुभूति हो सकें।
इस रिंगरोड़ के निर्माण से जबलपुर शहर ही नहीं अपितु सम्पूर्ण मध्यप्रदेष राज्य में, खुशहाली की नयी राह खुलेंगी, विकास की बयार चलेगी। ये सड़क केवल मंजिल तक ही नहीं पहुचाएंगी अपितु जबलपुर शहर एवं प्रदेश के सुनहरे भविष्य की तसवीर में खुशियों के नये रंग भी भरेंगी।
किसी भी क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास के लिए सड़के जरूरी है और इसी बात को ध्यान में रखते हुये माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने संकल्प लिया देश में सुगम और सरल राजमार्गो के निर्माण का और शुरु हुआ काम, देश की दशा और दिशा बदलने के लिये, उन्नति की राह दिखाते महामार्गों के निर्माण का और माननीय केंद्रीय मंत्री ने इसे गति दी। मैं जबलपुर की जनता की ओर से उन्हें धन्यवाद देता और आभार प्रकट करता हूँ।
पत्रकार वार्ता को साँसद राकेश सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने बताया आगामी 7 नवम्बर को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के जबलपुर आगमन पर उनके द्वारा रिंग रोड का भूमिपूजन और फ्लाई ओवर के नए भाग का भूमिपूजन किया जाएगा।
पत्रकारवार्ता में विधायक अशोक रोहाणी, अजय विश्नोई, सुशील तिवारी इंदु, डॉ जितेंद्र जामदार, आशीष दुबे, अखिलेश जैन, जीएस ठाकुर, संतोष बरकड़े, शरद जैन, अंचल सोनकर, पूर्व महापौर प्रभात साहू, सदानंद गोडबोले, स्वाति गोडबोले उपस्थित थे।



