समस्याओं से पीड़ित हैं प्रदेश के कर्मचारी

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश के लाखों कर्मचारी विभिन्न समस्याओं से पीड़ित है परंतु इस ओर शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा न ही किसी कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने किसी प्रकार की नीति तैयार कर रहा है जिससे कर्मचारी स्तब्ध हैं कि आखिर जो कर्मचारी सरकार का अभिन्न अंग हैं और हर प्रकार से सरकार से कंधे से कंधा मिला कर कार्य कर रहे हैं चाहे वह किसी भी प्रकार का आपदा प्रबंधन का कार्य हो या फिर विभागों से संबधित कार्य हो, प्रदेश के कर्मचारी हमेशा अपनी पूरी लगन, ईमानदारी और देष भक्ति भावना से प्रदेश सरकार का सहयोग करते हुए शासन-प्रशासन के सभी आदेशों का पालन करते हुए अपने कार्यों को सही अंजाम देते हैं फिर शासन-प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की उपेक्षा करते हुए, उनकी समस्याओं को दूर नहीं करना समझ से परे है।
संघ ने आगे बताया कि प्रदेष के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, मंहगाई भत्ता, पदनाम पदोन्नति, अनुकम्पा नियुक्ति का सरली करण, संविदा कर्मियों की समस्याओं का हल न निकालना, स्टेनोग्राफरों और लिपिकों की वेतन विसंगती, शिक्षकों को 5400 का ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा ऐसी तमाम समस्याएं है जिसका हल शासन-प्रशासन द्वारा ही निकाला जा सकता है परंतु शासन की तरफ से किसी प्रकार की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है जिससे कर्मचारी हैरान, परेषान और हलाकान हैं कि आखिर शासन द्वारा उनके साथ ऐसी अनदेखी क्यों की जा रही है।
संघ के स्टेनली नाॅबर्ट, दिनेश गौंड़, शहीर मुमताज़, हेमंत ठाकरे, राकेश श्रीवास, एनोस विक्टर, धनराज पिल्ले, राॅबर्ट फ्रांसिस आदि ने मांग की है।



