सम्मानजनक वेतन पाने तरस रहीं आशा -उषा कार्यकर्त्ता एवं सहयोगी

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दैनिक वेतन भोगी, संविदा, कार्यभारित कर्मचारियों के समान ही आशा/ऊषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगी भी अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए संघर्षरत हैँ। ये सभी अनेक विपत्तियों का सामना कर रहे हैँ। ये सभी अत्यधिक हलाकान -परेशान हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि ये आशा /ऊषा कार्यकर्त्ता एवं आशा सहयोगी दिनांक 14.11.2022 से 19.11.2022 तक अनशनरत है ।इन आशा ऊषा कार्यकर्ता एवं सहयोगियों के कार्यों से सभी भली भांति परिचित हैँ। ये अत्यंत कम वेतन अर्थात केवल कमीशन पर काम करतीं हैं। इन्हे मात्र 3000 ( तीन हजार रूपये मात्र )रुपए पर काम करना पड़ रहा है और इन्हें लगातार कार्य करते हुए तकरीबन दस से बारह वर्ष हो गए हैं।ये अपने परिवार का इस अल्प राशि में भरण पोषण कर रहीं हैं जो वर्तमान काल में नाकाफी है एवं अपने लिए सम्मानजनक वेतन की वर्षो से मांग कर रहीं है ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि इनके द्वारा
टीकाकरण,डिलेवरी, जच्चा बच्चा सुरक्षा कार्ड ,पोलियो सर्वे , कुष्ठ रोगियों, टी वी सर्वे ,आदि अनेक कार्य के अतिरिक्त जो अपने ग्राम में रहकर किसी भी उपचार संबंधी के लिए हरदम तैयार रहना पड़ता है।ग्राम से लेकर अस्पताल व महिला सोनोग्राफी के लिये प्रत्येक महिलाओं को जिला मुख्यालय के शासकीय अस्पताल लेकर जाना फिर उपचार के लिए और सलाह के लिए किसी भी व्यक्ति के इलाज को ले कर जाना होता है ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि अभी कोरोना काल में शामिल होकर इन्होंने वेक्सिनेशन कराया पर इनकी सुनने वाला कोई नहीं है।ये अल्पवेतन भोगी आशा -उषा कार्यकर्त्ता एवं सहयोगी भीषण महंगाई के इस दौर में बमुश्किल जीवन यापन कर पा रहें हैं।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, भास्कर गुप्ता, दुर्गेश खातरकर, ऋषि पाठक, महेश मेहरा, विश्वनाथ सिंह, विशाल सिंह, आकाश भील, राशिद अली, समर सिंह, जी आर झारिया, कमलेश दुबे, विष्णु झारिया, आसाराम झारिया, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, आलोक शर्मा, नरेंद्र उइके, सुरेंद्र परसते, अजय श्रीपाल, महेंद्र मार्को, अजब सिंह, डेलन सिंह, इमरत सेन, ब्रजेन्द्र तिवारी, अजय मिश्रा, आदेश विश्वकर्मा, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, चंद्रभान साहू, अंजनी उपाध्याय, राकेशरामकिशोर इपाचे, रामदयाल उइके, मदन पांन्द्रो, पवन सोयाम, अमर सिंह उइके, राकेश मून, देवसिंह भवेदी, राजेंद्र प्रधान, दशरथ मरावी,राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, सरोज कोल, योगिता नंदेश्वर, अम्बिका हँतिमारे, अर्चना भट्ट, रेनू बुनकर, रजनी गुप्ता, मनोरमा ठाकुर, ब्रजवती आर्मो, सुमिता इंगले इत्यादि ने सरकार से इनके प्रति नरम रुख अपनाते हुए इन्हेँ सम्मानजनक वेतन प्रदान करने और इनके अधिकारों को प्रदत्त करने हेतु पत्राचार किया।



