कार्य दो पदों का परन्तु वेतन केवल एक पद का क्यों ?

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि मध्य प्रदेश शासन के अधिकांश विभागों में नई भर्तियां नहीं होने के कारण तथा रिटायरमेन्ट के कारण अधिकारीयों एवं कर्मचारियों के पद रिक्त हो गए हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि विभागों में जूनियर अधिकारीयों और कर्मचारियों से वरिष्ठ अधिकारीयों तथा वरिष्ठ कर्मचारियों के पदों का काम लिया जा रहा है परन्तु इन्हें इस अतिरिक्त कार्य हेतु किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जा रहा है अर्थात किसी भी प्रकार का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैँ कि अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान किया जायेगा।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि
कर्मचारियों से एक पद के स्थान पर दो, तीन, यहाँ तक कि चार पदों के स्थान का कार्य करवाया जा रहा है। उपयंत्री, कृषि विस्तार अधिकारी, कोषालय अधिकारी, आई टी आई प्राचार्य, वन कर्मी, वन मण्डल अधिकारी, सहायक थाना प्रभारी, सहायक शिक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, कार्यपालन यंत्री, स्वास्थ्य कर्मी, जिला शिक्षा अधिकारी, नायब तहसीलदार, आर आई, पटवारी, अधीक्षण यंत्री, मुख्य अभियंता, सहायक ग्रेड -2, मानचित्रकार, चपरासी और कार्यभारित स्थापना के कर्मचारियों से भी उनके मूल पद के अतिरिक्त अन्य पदों का कार्य लिया जा रहा है। इन कर्मचारियों क़ो 8 घंटे के स्थान पर 12 से 14 घंटे लगातार कार्य करना पड़ रहा है लेकिन वेतन एक ही पद का दिया जा रहा है। ये उनके साथ नाइंसाफी है। वे शोषण का शिकार हो रहे हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, जी आर झारिया,अजब सिंह,विश्वनाथ सिंह,इमरत सेन, डेलन सिंह, त्रिलोचन सिंह,भास्कर गुप्ता, ऋषि पाठक, आकाश भील,बैजनाथ यादव, रवि विश्वकर्मा, संदीप भागवत, कमलेश दुबे, विशाल सिंह,डेलन सिंह,प्रशांत श्रीवास्तव,ब्रजेश मौर्य,मुकेश कोल,चंद्रभान साहू, सुधीर गौर,आदेश विश्वकर्मा,बहादुर पटेल,दुर्गेश खातरकर,,समर सिंह,गंगाराम साहू,आसाराम झारिया, अजय श्रीपाल, सुरेंद्र परसते,भोगीराम चौकसे,चंदा सोनी,अर्चना भट्ट,धर्मेंद्र परिहार,सुमिता इंगले, मनोज साहू, शायदा खान, मनोज कोल, प्रेमवती सोयाम, देवी सिंह भवेदी,नारायण दास,वंदना गिरदोनिया, परवेज खान, माया कर्ते, दौलत सिंह, रेवाराम प्रजापति, रुपकुमार पटेल, नरेश कुशवाहा, सपना रजक,शिव यादव,शिव पटेल,नरेन्द महाले, मीणा परते, अतुल झारिया, रंजना सूर्यवंशी, पवन शुक्ला, जैस्मिन, अंजलि, सतीश दुबे, अंशुल खरे,आबिद खान, कुमोलिनी कीर्तन, ममता पटेल, संध्या श्रीवास्तव,कीर्ति मजूमदार, सरिता श्रीवास, सुरेश भगत, कमल सोनकर, राजेश जाट, अनितेश मिश्रा, दिलीप महंत, ऋषि यादव, प्रमोद सोनी,संतोष श्रीवास्तव,अजय लोधी,रेनू बुनकर,राशिद अली,अनुपमा तिवारी, रजनी गुप्ता,नीलम,ममता मिश्रा,आरती ठाकुर,रौशनी महोबिया, दीपशिखा श्रीवास,नीतू श्रीवास्तव,अंजलि,नीतू जैन, प्रभा यादव, सुषमा श्रीवास्तव,चंद्रकली, सरिता सहाय, दुर्गा पटेल,आर के झारिया, नंदकिशोर, ललिता देवी, श्रीपाल,पवन सोयम, आलोक शर्मा आदि ने उपरोक्त गंभीर विषय पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए पत्राचार/वार्तालाप किया ।



