सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सहायक षिक्षकों को द्वितीय क्रमोन्नति में 3600 रू का और तृतीय क्रमोन्नति 30 वर्ष की सेवा पष्चात 4200 रू का पे बैंड दिया जाता है जबकि अन्य विभागों में 30 वर्ष की सेवा पष्चात 5400 रूपयंे का पे बैंड दिया जाता है वहीं सहायक षिक्षकों को 4200 रूपये का यह षिक्षकों के साथ दोहरा मापदंड शासन द्वारा अपनाया जा रहा है जिससे षिक्षकों में रोष व्याप्त है।
संघ ने आगे बताया कि अन्य विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों को 8,16,24,30 वर्ष की सेवा पूंर्ण करने के उपरान्त प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ समय मान वेतनमान प्रदान किया जाता है वहीं षिक्षाविभाग में षिक्षकों को सिर्फ प्रथम, द्वितीय और तृतीय वेतनमान दिया जाता है वह भी तृतीय वेतनमान में 5400 रूपये पे बैंड की जगह 4200 का पे बैंड दिया जाता है जो की पर्याप्त नहीं है अतः षिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान 30 वर्ष की सेवा उपरान्त 4200 रूपये की जगह 5400 रूपये का पे बैंड दिया जाना चाहिए और 35 वर्ष की सेवा उपरान्त षिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान 6600 रूपये का पे बैंड दिया जाना चाहिए क्योंकि षिक्षकों को तृतीय वेतनमान में 4200 का पे बैंड देना और चतुर्थ समयमान वेतनमान नहीं देना सहायक षिक्षकों के साथ अन्याय है अपमान है क्योंकि सहायक षिक्षक षिक्षाविभाग में लगभग 40 से 42 वर्ष की सेवा देता है।
संघ के जिलाध्यक्ष राकेष श्रीवास, दिनेष गौंड़, स्टेनली नाॅबर्ट, हेमंत ठाकरे, शहीर मुमताज़, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, विनय रामजे, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, मानसिंह आर्मो, अषोक परस्ते, अनूप डाहट, आदि ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेष के नियमित सहायक षिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान पर 5400रू का पे बेंड दिया जाए।



