श्री कृष्ण ने पूतना का किया अंत

जबलपुर दर्पण। श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा के पांचवे दिन ब्रह्म चेतना के संस्थापक एवं श्री महंत योगी राजेश महाराज जी ने पांचवें दिन की कथा पर बाल लीला का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान को पूतना को मारने के लिए आए तो भगवान ने आंखें बंद कर लिए महंत जी ने बताया कि भगवान की आंखों में सुर और चांद का शा सूरज चांद ने सोचा कि मेरे प्रभु अभी 7 दिन के ही हुए हैं और इन्हें मारने दुष्ट पूतना पहुंच गई यह दृश्य सुर चांद से नहीं देखा गया तो आंखें बंद कर ली फिर वर्णन करते हुए दूसरा अर्थ यह भी बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने भोलेनाथ जी का ध्यान करते हुए कहा कि आप ही इस विष का पान कर सकती हैं इसलिए भोलेनाथ जिसका नाम महाकाल पड़ा यहां एक भाव और बताया कि पूतना जो कार्य कर रही है यह सिर्फ एक मां ही कर सकती है तो क्यों ना आंखें बंद करके पूतना का अंत कर दिया जाए इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने पूतना का अंत किया 6 दिन की कथा पर भगवान का रास रुक्मणी विवाह होगा एवं 7 दिन हवन पूजन एवं विशाल भंडारा प्रसाद वितरित किया जाएगा इस अवसर पर कथा वाचक महंत श्री योगी राजेश महाराज सीता विश्वकर्मा ममता सराफ नम्रता अग्रवाल आदि मात्र शक्तियां कथा के दौरान मौजूद रहीं।



