जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

राज्य के स्टेनोग्राफर्स की वेतन विसंगति दूर की जाए

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारि कर्मचारी संघठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों मे कार्यरत शीघ्रलेखकों के कार्य तो समान है पर वेतनमान समान नहीं है. वेतन विसंगती के चलते शीघ्रलेखकों को लगातार आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यदि देखा जाये तो शीघ्रलेखकों के समकक्ष वेतन पाने वाले अधीक्षक 4200 ग्रेड पे और सहायक अधीक्षक 3600 ग्रेड पे के आधार पर वेतन पा रहे है. कुछ विभाग मे शीघ्रलेखकों का भी वेतन 3600 ग्रेड पे के आधार पर है, पर अधिकतर विभागों को इससे अछूता रखा गया है जो की सीधा सीधा भेदभाव है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि शीघ्रलेखकों की वेतन विसंगति को गंभीरता से लेते हुए वित्त विभाग एवं समान्य प्रसाशन विभाग को निर्देशित करने का कष्ट करे की समस्त विभागों के शीघ्रलेखकों की वेतन विसङती दूर कर वेतनमान एक समान कर 3600 ग्रेड पे के आधार पर वेतन वेतन दिया जाए। संघ के रॉबर्ट मार्टिन, हेमंत ठाकरे सत्यनारायण भागरे, जगदीश दीक्षित, अनूप सिंह मरकाम, मनोहर विश्वकर्मा, लक्ष्मीचन्द्र कुशवाहा, राजु डहेरिया, ममता साहू, गुरूशरण कौर, सरोजनी खान, संजय सिंह मरावी, महेन्द्र कुमार केवट, हेमेन्द्र कुमार केवट, विजय शंकर मिश्रा, गोपालदास डहेरिया, विजयलक्ष्मी, श्रद्धांजलि बर्मन, लता गरेवाल, पूजा त्रिपाठी, श्रीमती विनीता बेस, नलिनी मुदलियार, शिशुपाल मेहता, आत्माराम ठाकुर, प्रतीक खरे आदि ने माँग की है की शीघ्र स्टेनोग्राफर की वेतन विसङती दूर की जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88