भागवत श्रवण के साथ चिंतन आवश्यक : भागवताचार्य अनूपदेव शास्त्री

पीत वस्त्र धारण कर 51 कलश लेकर निकले भक्त
जबलपुर दर्पण। भागवत कथा का श्रवण करने के बाद चिंतन मनन करना चाहिए। हरि नाम संकीर्तन करते हुए कार्य करने से कार्य सफलता सुनिश्चित रहतीं हैं। हरि नाम स्मरण मात्र से सर्व बाधा नाश हो जाता है उक्त उद्गार गोलोकवासी जगतगुरु नरसिंह पीठाधीश्वर डा•स्वामी श्यामदेवा चार्य महाराज के कृपा पात्र भागवताचार्य श्री अनूपदेव जी महाराज के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस श्री राम मंदिर मदन महल में कहे ।
कलश यात्रा में पार्षद प्रतिभा विध्येश भापकर, मुख्य यजमान श्री सुभाष चंद्र खत्री जी एवं श्रीमति अंजू खत्री जी , गुलशन मखीजा, गीता पांडे, रमेश शर्मा, अनिल सिंह, राकेश पटेल, पंकज वैध, जवाहर महाजन, अनिल चंडोक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही। सुप्तेश्वर गणेश मंदिर से श्रीराम मंदिर तक निकाली गई कलश यात्रा में पीत वस्त्रों की पोशाक मे कलश धारण कर भक्तों ने शोभायात्रा की शोभा बढाई ।



